इदरीस मंसूरी, गुना (मप्र), NIT:

कुंभराज तहसील के मृगवास थानांतर्गत सानई कस्बे से सटे नज़दीकी गांव खेरवेह के किसान बिहारी लाल बंजारा ने बताया कि मेरी मां गुंजीबाई के नाम पच्चीस बीघा भूमि है जिसमें से सात से आठ बीघा भूमि पर एक ही परिवार के करीब दो सौ से अधिक दबंगों ने एकजुट होकर बलपूर्वक भूमि पर कब्जा करने का आरोप लगाया है।
उसने अपने शिकायती आवेदन में बताया की हम कई सालों से उक्त भूमि पर खेती करते आ रहे हैं लेकिन इसी साल से झिरी चक निवासी एक परिवार उसे खेती करने से रोक रहा है फसल बोहनी के समय उक्त परिवार द्वारा जबरन हमारी मक्का की फसल पर ट्रेक्टर चलाकर नष्ट कर दी जिसके बाद फिर से हमने मक्का की फसल बोई तो वो लोग एकजुट होकर उसमे उनका हक जताकर खाद एवम दवाई डाल रहे है जिसको लेकर किसान चिंतित हैं।

किसान ने अपना दुखड़ा व्यक्त करते हुए बताया की हमने इस संबंध में राजस्व विभाग के अधिकारियों को कई बार लिखित में आवेदन दिया लेकिन आजतक हमारी कोई सुनवाई नहीं हुई है, जिसके बाद हमने सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत की लेकिन वहां भी सुनवाई नहीं हुई जिसके चलते आए दिन विवाद की स्थिति बनती है इस संबंध में सानई चौकी में भी आवेदन दिया है। उक्त विवादित जगह सानई टेकरी मंदिर के पास पट्टे की भूमि बताई जाती है जिसको लेकर एक ही समुदाय के दो पक्षों में पिछले करीब छ माह से विवाद चल रहा है, इसको लेकर किसान द्वारा निराकरण करवाने हेतु शासन प्रशासन से गुहार लगाई है।

विवादित भूमि को लेकर हो चुकी दो हत्याएं
दरअसल शासकीय और पट्टे की भूमि को देखकर गांव कस्बों में अलग अलग गुट के लोग ऐसी जमीनों पर बलपूर्वक कब्जा कर लेते हैं जिसके फलस्वरूप एक ही ज़मीन को लेकर दो अलग अलग पक्ष अपना हक जताते हैं। ज्ञातव्य है की मृगवास थानांतर्गत हाल ही में कुछ दिनों पहले भोजपुरिया गाँव में जमीनी विवाद को लेकर एक ही समुदाय के दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो चुका है जिसमें एक शख्स की जान चली गई थी और कई लोग घायल हुए थे। दूसरा जमीनी विवाद भी इसी प्रकार हुआ था जिसमें एक ही समुदाय के दो पक्ष आपस में भिड़ गए थे वहां भी खूनी संघर्ष में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और करीब आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हुए थे।
इनका कहना है
इनकी जमीन है वहां पर जिसके चार खसरा नंबर है इन्होंने नपवाने के लिए आवेदन लगाया है हमने नपाने का बोल दिया है।
मनिंदर माहोर
पटवारी हल्का झिरी

