रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी/पंकज बडोला, झाबुआ (मप्र), NIT:

जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झाबुआ श्रीमती विधि सक्सेना के मार्गदर्शन में न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्रीमान अनीष कुमार मिश्रा एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी विजय पाल सिंह चौहान की अध्यक्षता तथा जिला विधिक सहायता अधिकारी सागर अग्रवाल, अधिवक्ता शिवम वर्मा की उपस्थिति में ग्राम पंचायत ढेबर बड़ी जिला झाबुआ में मध्यस्थता जागरूकता कार्यक्रम एवं ”समाधान आपके द्वार“ योजना अंतर्गत निम्न विषयों पर विधिक साक्षरता/जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथिगणों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। शिविर में न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय अनीष कुमार मिश्रा ने ग्रामीणजनों को संबोधित करते हुये कहा कि हम आज आपके बीच मध्यस्थता जागरूकता शिविर और ”समाधान आपके द्वार” योजना अंतर्गत आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में उपस्थित हुये है। यह शिविर आम नागरिकों को कानूनों और न्याय प्रणाली के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए आयोजित किया जा रहा है।
उन्होंने मध्यस्थता विषय पर जानकारी देते हुये कहा कि मध्यस्थता एक वैकल्पिक विवाद निवारण प्रक्रिया है जो लोगों को अदालत जाने के बजाय अपने विवादों को आपस में सुलझाने में मदद करती है। यह एक तेज, सस्ता और अधिक प्रभावी तरीका है, जिससे लोग अपने विवादों को हल कर सकते हैं। ’मध्यस्थता’ एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें विवाद के दोनों पक्ष एक तटस्थ तीसरे पक्ष की सहायता से आपसी सहमति से समाधान ढूंढते हैं। यह प्रक्रिया अदालत में जाने से बचने और विवादों को स्थायी रूप से हल करने में मदद करती है। न्यायाधीश ने विभिन्न विषयों पर भी ग्रामीणजनों को जानकारी प्रदान की।
शिविर में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी विजय पाल सिंह चौहान ने अपने संबोधन में नालसा योजना की अंतर्गत नशा उन्मूलन एवं गरीबी उन्मूलन विषय पर बताते हुये कहा कि नशा उन्मूलन आज के समय में एक महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दा है। नशा के कारण ना सिर्फ व्यक्ति बल्कि उसका परिवार और समाज भी बुरी तरह प्रभावित होता है।
नशा के कारण व्यक्ति का स्वास्थ्य बिगड़ता है, उसकी कार्यक्षमता कम होती है और वह अपराध की ओर भी प्रवृत्त हो सकता है। नशा उन्मूलन और गरीबी उन्मूलन दो ऐसे मुद्दे हैं जिनका समाधान केवल सरकार के प्रयासों से नहीं हो सकता है। इसके लिए हमें सभी नागरिकों को मिलकर प्रयास करने होंगे। हमें एकजुट होकर इन से लड़ना होगा और एक बेहतर समाज का निर्माण करना होगा। मैं आप सभी से आग्रह करना हूं कि आप नशे का सेवन न करें।
उन्होंने आदिवासियों के अधिकार, वरिष्ठ नागरिक, महिलाओं से संबंधित कानून की भी विस्तार से जानकारी दी। शिविर में अतिथिगणों द्वारा 24 फरवरी को आयोजित ”समाधान आपके द्वार” योजना की जानकारी देते हुये कहा कि समाधान आपके द्वार योजना का उद्देश्य लोगों को उनके घर के करीब न्याय प्रदान करना है। इस योजना के तहत एक निश्चित स्थान पर लोक अदालत/शिविर का आयोजन किया जाएगा, जहाँ लोग अपने विवादों को सुलझा सकते हैं।
इस योजना के तहत आप राजस्व, वन विभाग, बिजली कंपनी, न्यायालय, नगरपालिका एवं अन्य मामले जैसे आधार कार्ड, आयुष्मान कॉर्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, गैस कनेक्शन, सीएम हेल्पलाईन, समग्र आईडी आदि के प्रकरणों को आपसी सुलह समझौते के आधार पर निराकरण करावा सकते हो। साथ ही आप प्री-लिटिगेशन के माध्यम से ऐसे शमनीय प्रकरण, जो अभी न्यायालय में प्रस्तुत नहीं हुये हो को आपसी सुलह समझौते के आधार पर निराकरण करवा सकते हो।
शिविर में लीगल एड डिफेंस अधिवक्तत शिवम वर्मा ने लीगल एड डिफ्रेंस सिस्टम की जानकारी के साथ पैरवी हेतु निःशुल्क अधिवक्ता, शासन की जन कल्याणकारी योजनाऐं, आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड जैसी विभिन्न योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी।
इस शिविर में ग्राम सरपंच रसिया भाभोर, ग्राम सचिव छतरसिंह भाबोर, पटवारी नानूराम एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सहायता अधिकारी सागर अग्रवाल के द्वारा किया गया।
