मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

बुरहानपुर के प्राचीन स्वामीनारायण मंदिर में विगत 13 वर्षों से पदस्थ स्वामीनारायण मंदिर ट्रस्ट वड़ताल द्वारा नियुक्त महंत कोठारी पी पी स्वामी को सभी हरिभक्तों ने नम आंखों से विदाई दी तो वहीं कोठारी पी पी स्वामी भी इस मौक़े पर अपने आप को नहीं रोक पाए और विदाई समारोह और आरती के बाद वे फुट फुटकर रो पड़े। मंदिर के मीडिया प्रभारी गोपाल देवकर ने बताया कि बुरहानपुर जिले के प्राचीन स्वामिनारायण मंदिर में महंत कोठारी प्रिय पुरुषोत्तमदासजी (पी पी स्वामी) को सन 2010 में वड़ताल स्वामिनारायण टेंपल ट्रस्ट द्वारा नियुक्त किया गया था, जिसके चलते करोड़ों के निर्माण कार्य सहित भगवान की सेवा भी इनके द्वारा की जाकर भक्तों का दिल भी जीता। सभी हरिभक्तों ने विदाई समारोह में शॉल श्रीफल और कई गिफ्टों के साथ उन्हें विदाई दी गई। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा नारायण भगवान मेरे नहीं आपके हैं। हमें भगवान ने सेवा करने का मौका दिया था लेकिन आप भगवान की सेवा करते रहना। आपको नारायण भगवान की प्रसादी की मूर्ति भक्तों को भगवान ने ही दी थी। उसकी सेवा करते ही रहना,वही नवनियुक्त कोठारी ब्रजवल्लभदासजी को मंच के माध्यम से कहा कि बुरहानपुर के भक्त प्रसादिया भक्त है। इन्हें प्रसाद जरूर खिलाते रहते। भोले भक्त हमारे इनका ख्याल भी आपको ही रखना है,वही सभी हरिभक्तों के गुणों का बखान करते करते उनके आंखों से आंसू फुट पड़े, वही कैमरे पर भावुक हो गए और कुछ नही बोल सके और कहा बहुत प्रेमी है बुरहानपुर के भक्त।

करोड़ो के निर्माण कार्य किये, 3 स्वर्ण सिंघासन और लाखो की जमीन मंदिर को दिलाई
मंदिर के ट्रस्टीज सोमेश्वर मर्चेंट ने सभा संचलन भी किया और निवर्तमान कोठारी और नवनियुक्त कोठारी की प्रशंसा की। कहा कि पी पी स्वामी ने करोड़ों के निर्माण कार्य और स्वर्ण सिंहासन जैसे कई निर्माण कार्य उनके कार्यकाल में संपन्न हुए। नए मंडल के रूप में मंदिर की कमान संभाली बृजवल्लभ स्वामी ने जो अपने 6 सदस्यीय मंडल के साथ मंदिर में पदस्थ हुए। वे भी बहुत अपनी शिक्षा और वाचाल के धनी होने के साथ आने वाले समय मे मंदिर और सत्संग का विकास करेंगे।
प्रसादिया भक्तों के साथ नंद संत भी मिले बुरहानपुर के नारायण भगवान को
बुरहानपुर स्वामिनारायण मंदिर की कमान संभाल रहे है बृजवल्ल्भ दासजी स्वामी ने अपने उद्बोधन में कहा कि बुरहानपुर के भक्त वाकई में बहुत भाग्यशाली है, जिन्हें नारायण भगवान की प्रसादी की मूर्ति मिली है और प्रसादीया भक्त होने के साथ-साथ इनका ख्याल पूर्ण रूप से रखा जाएगा यहां भगवान को प्रसादीया मिलने के साथ-साथ नंद संत भी मिले हैं और पी पी स्वामी जैसे संत बड़े ही भाग्य से भक्तों को मिलते हैं, जिन्होंने हर प्रकार से भक्तों का ख्याल रखा। हम भी प्रयास करेंगे की भक्तों और भगवान का ख्याल रखने में सफल हो।
इस विदाई समारोह में मंदिर के ट्रस्टीज नटवर भगत, सेवकदास शाह, ठाकुर भाई शाह, ललित पवार, नरेंद्र भाई पटेल, सहित अन्य ट्रस्टीस, समाज के अध्यक्ष एडवोकेट विजय पी शाह, पूर्व अध्यक्ष कमलेश शाह, अशोक शाह, भारत भूषण देवकर, रामकिशन मिस्त्री, रमेश दलाल, राजू भाई जोशी रमेश भाई तेलवाले, रणछोड़भाई शाह, नितिन भाई कैलेंडर वाले, शैलेश दलाल, रवि सभा सदस्य भक्ति महिला मंडल सदस्य, सुरेंद्र भाई पुनीवाला, सुरेंद्र नागराज, अनिल शाह सहित सैकड़ों हरि भक्त मौजूद रहे।
