प्रदेश भाजपा ने बुरहानपुर के दो बागी नेताओं सहित 35 बागी नेताओं को पार्टी से 06 वर्ष के लिए किया निष्कासित | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

प्रदेश भाजपा ने बुरहानपुर के दो बागी नेताओं सहित 35 बागी नेताओं को पार्टी से 06 वर्ष के लिए किया निष्कासित | New India Times

मध्य प्रदेश में संपन्न हो रहे 2023 के हालिया विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी से बगावत करके भाजपा के लिए मुसीबत बने 35 नेताओं को भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने आज निष्कासन का हंटर चलाते हुए ऐसे नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाते हुए 06 वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया है। इसकी ज़द में बुरहानपुर के बागी नेता और दिवंगत भाजपा सांसद स्वर्गीय नंदकुमार सिंह चौहान के सुपुत्र हर्षवर्धन सिंह चौहान भी शामिल हैं, जिन्होंने भाजपा का टिकट न मिलने से नाराज़ होकर भारतीय जनता पार्टी की अधिकृत उम्मीदवार श्रीमती अर्चना चिटनिस दीदी के सामने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल करके श्रीमती अर्चना चिटनिस दीदी के लिए भारी मुसीबत बन गए हैं। बुरहानपुर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 180 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप खड़ा होने से बुरहानपुर का चुनाव चतुष्कोणीय बन गया है। इसी प्रकार नेपानगर विधानसभा (अजजा) की अधिकृत प्रत्याशी एवं पूर्व विधायिका सुश्री मंजू राजेंद्र दादू के खिलाफ़ बागी उम्मीदवार की हैसियत से इलेक्शन लड़ रहे श्री रति लाल चिल्लात्रे को भी पार्टी ने 6 वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया है।

प्रदेश भाजपा ने बुरहानपुर के दो बागी नेताओं सहित 35 बागी नेताओं को पार्टी से 06 वर्ष के लिए किया निष्कासित | New India Times

टिकट न मिलने से नाराज़ हो कर दिवंगत सांसद स्वर्गीय नंदकुमार सिंह चौहान के सुपुत्र हर्षवर्धन सिंह चौहान ने खुले तौर पर बगावत का ऐलान करके निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल करके यहां से मुक़ाबले में हैं। इस के साथ ही बुरहानपुर जिले के अनेक भाजपा पदाधिकारीगण ने युवा नेता हर्षवर्धन सिंह चौहान के समर्थन में थोक में अपने त्यागपत्र पार्टी आला कमान और बुरहानपुर भाजपा ज़िलाअध्यक्ष को सौंप दिए हैं। जिसमें यह बताया गया है कि वह पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी श्रीमती अर्चना चिटनिस दीदी के व्यवहार से ना खुश हैं और उनका काम नहीं करेंगे। युवा नेता हर्षवर्धन सिंह चौहान को मनाने के लिए पार्टी के आला नेताओं ने भी उनसे संपर्क स्थापित किया था, लेकिन वे अपनी बात पर अटल रहे और उन्होंने सुना सब की किया अपने मन की। उनके त्यागपत्र देने के उपरांत भी पार्टी ने उन्हें निष्कासित किया है। बागी नेता हर्षवर्धन सिंह चौहान के निर्दलीय रूप से बुरहानपुर विधानसभा चुनाव में खड़ा होने से यहां चतुष्कोणीय मुकाबला हो गया है। इस चतुषकोणीय मुकाबले में कौन बाज़ी जीतता है कौन बाज़ी हारता है ? यह तो आने वाला समय ही बताएगा।

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