अबरार अहमद खान/मुकीज खान, भोपाल (मप्र), NIT:

भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर बाला सरस्वती आत्महत्या मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने इंसाफ की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को एनएसयूआई नेता राजवीर सिंह के नेतृत्व में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने मुंह पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया।
जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष प्रकाश चौकसे ने कहा कि इस घटना को लेकर हम निःशब्द हैं। मेडिकल संस्थानों में जिस तरह जूनियर डॉक्टरों के ऊपर अत्याचार किया जा रहा है वो निंदनीय है जूनियर डाक्टर बाला सरस्वती सुसाइड केस इसका उदाहरण है।
युवा कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष विवेक त्रिपाठी ने कहा कि जिस तरह से जूनियर डाक्टरों को प्रताड़ित किया जा रहा ये बेहद निंदनीय है प्रताड़ित होकर जूनियर डॉक्टर बाला सरस्वती ने रविवार रात आत्महत्या कर ली, सुसाइड नोट में उन्होंने कालेज प्रशासन पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है इससे कुछ माह पूर्व भी एक जूनियर डाक्टर ने प्रबंधन की प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली थी जो की स्पष्ट रूप से दर्शाता है की प्रदेश के डॉ आज अमानवीय प्रताड़ना का सामना कर रहे हैं जिसपर तत्काल अंकुश लगाने की अवश्कता है। प्रदेश के शासकीय हॉस्पिटल वैसे ही डॉक्टर की कमी से जूझ रहा है उसमें इस प्रकार की परिस्तिथीय चिंता जनक है।

रवि परमार ने कहा, ‘हम राज्य सरकार से मांग करते हैं कि तत्काल एसआईटी गठित कर इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।’ परमार ने कहा कि हम मानवाधिकार आयोग को भी इस घटना से अवगत कराएंगे ताकि बाला सरस्वती जैसा आत्मघाती कदम उठाने के लिए और किसी जूनियर डॉक्टर अथवा नर्स को मजबूर न होना पड़े।
राजवीर सिंह ने कहा कि दोषियों अधिकारियों पर सख्त से सख्त कार्यवाही नहीं की गई तो एनएसयूआई पूरे प्रदेश में मेडिकल कालेज बंद करने का आव्हान करेंगी ।
इस मौके पर जितेंद्र विश्वकर्मा, रूपेश, विश्वकर्मा, सत्यम, प्रतीक जाबरे, सविता पटेल, सेवंती नागले, अनुष्का झा, रहमीम फातिमा,लक्ष्मी यादव, तेजल सिंह, संदीप, दिनेश, रेहान खान, कबीर सोलंकी, क्रिश खटीक, फरदीन अंसारी, अंशुल पाल और सभी छात्र छात्राएं उपस्थित थे।
