रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

लक्ष्मी मानसिंह निवासी रातीतलाई जो बचपन से ही दिव्यांग है, 90 प्रतिशत दिव्यांग होने से लक्ष्मी को चलने में दिक्कत होती है। इन्हें एक व्यक्त को साथ में रखना पडता था। यह आदिवासी गुडिया बनाने का कार्य भी करती है। इनके द्वारा 16 मई को जनसुनवाई में बैटरी वाली ट्राईसिकल के लिए आवेदन किया गया था। इस संबंध में कलेक्टर सुश्री तन्वी हुड्डा के निर्देशन में जिसका उद्देश्य दिव्यागंजनों को टिकाऊ और वैज्ञानिक रूप से निर्मित आधुनिक, मानक सहायता और उपकरणों को खरीदने में दिव्यांगजनों को सहायता देना है, इसके अन्तर्गत लक्ष्मी पिता मानसिंह को बैटरी वाली ट्राईसिकल प्रदान की गई। लक्ष्मी को सायकल को कैसे चलाना है यह भी बताया गया। लक्ष्मी ने स्वयं सायकल चलाकर देखी व इसके लिए जिला प्रशासन एवं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को धन्यवाद दिया।
लक्ष्मी पहले आस-पास ऑटो से जाती थी अब स्वयं के ऑटो से जाएगी।
इस दौरान अपर कलेक्टर एस एस मुजाल्दा, एसडीएम सुनिल कुमार झा,सहायक संचालक सामाजिक एवं न्याय विभाग आदि उपस्थित थे।
