पत्रकारों से रूबरू होकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ विक्रान्त भुरिया ने कहा मेघनगर में अधूरी परियोजना बनेगी भाजपा के लिए मुसिबत का सबब, आम आदमी पार्टी भी है मेघनगर के चुनावी मैदान | New India Times

रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

पत्रकारों से रूबरू होकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ विक्रान्त भुरिया ने कहा मेघनगर में अधूरी परियोजना बनेगी भाजपा के लिए मुसिबत का सबब, आम आदमी पार्टी भी है मेघनगर के चुनावी मैदान | New India Times

झाबुआ जिले के मेघनगर में होने वाले नगर परिषद चुनाव के लिए उम्मीदवार घर घर दस्तक देकर तुफानी प्रचार-प्रसार शुरू कर दिये हैं।

त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव की मतदान और मतगणा के बाद से दोनों ही प्रमुख राजनैतिक दल के नेता नगर निकाय चुनाव की रणनीति बनाने में व्यस्त हो गये हैं। नगर में भाजपा और काग्रेस के अधिकृत प्रत्याशियों के अलावा 15 वार्डो मे 34 निर्दलीय प्रत्याशी चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

नगर के वार्ड क्रमांक 02 में आम आदमी पार्टी का भी एक प्रत्याशी भाजपा-कांग्रेस के साथ निर्दलीय उम्मीदवार को टक्कर देने के लिए चुनावी मैदान में है।

त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव निपटने के बाद भाजपा संगठन ने सभी 15 वार्डो में स्थानीय कार्यकर्ताओं को वार्ड प्रभारी और संयोजक बना कर वार्ड की गलियों में निवासरत वोटर की जिम्मेदारी सौंप दी है।

जिला स्तर पर भी भाजपा अपने नेताओं को वार्डो में तैनात करेगी, इधर कांग्रेस प्रत्याशी अपने-अपने स्तर पर प्रचार-प्रसार करते दिखाई दे रहे हैं।

कांग्रेस में नगरीय निकाय चुनाव के लिए अधिकृत प्रत्याशी की घोषणा के साथ ही प्रत्याशियों द्वारा डोर टु डोर सतत् जनसपंर्क कर कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने में कोई कसर नहीं छो़ड रहे हैं।

मेघनगर चुनावी संग्राम के बीच कांग्रेस पूर्ववर्ती भाजपा शाषित परिषद की नाकामियों और अधूरी परियोजनाओं को चुनावी मुद्दा बनाकर आम मतदाता में पेठ बना रहे हैं, जो भाजपा के लिए परेशानी का सबब बन रहा है।

मेघनगर की बदहाल सड़क बनेगी भाजपा की परेशानी शहर में विकास के नाम पर किसी भी बड़े पोजेक्ट को भाजपा शाषित परिषद अपने कार्यकाल में पूरा नहीं करा पाई।

शहर में वर्ष 2017 में स्वीकृत हो चुकी मुख्यमंत्री अधोसरंचना की 03 प्रमुख मार्गो की सड़के जिसे 2019 में बन कर तैयार हो जाना था, उन सड़कों का आज तक अता-पता ही नहीं है। जिसके चलते झाबुआ नाके से मुख्य बाजार होते हुये रेलवे स्टेशन पहुॅच मार्ग, आजाद चौक से लेकर पुराने रेलवे क्रासिंग और सांई मंदिर से भंडारी चौक की सड़क मरणाशन स्थिति में पहुॅच चुकी हैं, इन रास्तों के खस्ता हाल होने के चलते मुख्य बाजार में वाहनों से यात्रा करना पीड़ादायक होने के साथ ही शहरवासियों के लिए कमरदर्द का प्रमुख कारण बनता जा रहा है।

मुख्य बाजार की चौड़ी सड़के सकरी होती जा रही है जिससे यहां बड़े वाहनों की आवाजाही के साथ आम जन पैदल राहगिरों के लिए पैदल गुजरना भी मुश्किल का सबब बनता जा रहा है।

भाजपा शाषित पहली परिषद के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों ने जनता की सुविधा की बजाये अपने निजी हित साधे जिसके 04.09.2017 को स्वीकृत हुई 2 करोड़ 88 लाख की सड़क 2022 आधे से ज्यादा गुजर जाने के बाद भी अस्तित्व में नहीं आ सकी।

इन सड़कों के टेंडर जारी होने के बाद भी सड़कों का ना बनना किसी भी परिस्थिति में विकास नहीं कहा जा सकता।

दो ठेकेदार बदले अब तीसरे को दिया ठेका

इन सड़कों के निर्माण में लेट लतीफी का खामियाजा भाजपा को नगर में उठाना पड़ेगा।

नगर के लोग पिछले 6 सालों से नगर में सडकों के बहाने विकास की राह तक रहे थें किंतु उन्हें निराशा ही हाथ लगी।

सड़क ना बनने से यहां का व्यापार-व्यावसाय भी प्रभावित हुआ।

नगर में बनने वाली इन स़ड़को के लिए तीन बार टेंडर प्रक्रिया हुई। पहले टेंडर में नल-जल योजना के चलते ठेकेदार को काम नहीं करने दिया गया जिसके चलते यह प्रक्रिया लगभग 3 साल तक लंबित रही।

इस अवधि में सड़क निर्माण सामग्री के दामों में वृद्धि के चलते ठेकेदार ने काम करने से मना कर दिया।

नगर परिषद ने वर्ष 2020 में सड़क निर्माण के लिए पुनः टेंडर किये ,किंतु विभाग टेन्डर स्वीकृतकर्ता कंपनी को बीड शर्तो के अनुसार 120 दिनों की समय सीमा के निकल जाने पर टेंडरकर्ता ने काम करने से मना कर दिया।

नगर परिषद की गलतियों का खामियाजा लगातार टैन्डर के लिए खर्च हो रही राशी के रूप में पैसा की बर्बादी के साथ ही नगरवासियों को बदहाल सड़कों पर आवाजाही कर उठानी पड़ रही है।

पहली परिषद का कार्याकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक के रूप में इन्हीं कामों के लिए पुनः टेंडर जारी हुये जिसें मुन्नासिंह तोमर कंपनी ने लिये है।

इन सड़कों के निर्माण के लिए प्रशासक के रूप में एसडीएम और सीएमओं की तत्परता के चलते निकट भविष्य में सड़क बनने का रास्ता साफ हो सकता है। भाजपा शासित राज्य सरकार होने और भाजपा शाषित परिषद होने के बाद भी 6 सालों में मध्यप्रदेश अद्योसंरचना शहरी के द्वितीय चरण के काम पूरे नहीं जबकि जिले की अन्य निकायों में तृतीय चरणों के काम पूरे हो चुके हैं। यही कारण से नगर की जनता परेशान हैं ओर कांग्रेस पार्टी पर विश्वास जता कर कांग्रेस की परिषद बनाने के मुड़ मे है विक्रान्त भुरिया हमारे सभी पार्षद एतिहासिक मतों से विजय प्राप्त करेंगे!

प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष डॉ विक्रान्त भुरिया, विधायक विरसीग भुरीया, चुनाव प्रभारी शाबीर फिटवेल, जिला अध्यक्ष निर्मल मेहता, यामीन शेख आदि उपस्थित रहे.

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