पीयूष मिश्रा, सिवनी ( मप्र ), NIT;
छपारा नगर में सफाई व्यवस्था को लेकर आये दिन समाचार पत्रों के साथ सोशल मिडिया के माध्यम से पंचायत का ध्यानाकर्षण किया जाता रहा है लेकिन छपारा पंचायत के कर्णधारों की मनमानी के चलते सफाई व्यवस्था पर ध्यान नही दिया गया जिसके कारण नगर की नालियां जाम हो चुकी हैं। कई मुख्य मार्ग की नालियां तो जर्जर हो चुकी हैं, मरम्मतीकरण कई वर्षों से नहीं किया गया है।
गुरुवार शाम को हुयी बारिश ने लापरवाह पंचायत की पोल खोलकर रख दी है। पंचायत द्वारा लाखों रूपये सफाई के नाम पर कागजों खर्च दर्शाती है जबकी जमीनी हकीकत ये है कि नगर में सफाई सिर्फ नाम मात्र दिखावे के लिये सिर्फ कुडाकचरा उठाकर लाखों का खेल खेला जा रहा है।
कई माह से जाम पडी नालियां बारिश के दौरान अपनी शक्ति का प्रदर्शन करते हुये सारा दुषित पानी सडक और कई दुकानों के सामने एकत्रित करती नजर आयीं, वहीं नगर के मुख्य मार्ग के चमरया नाला पर बनी प्राचीन पुलिया जिसकी हालत जर्जर हो चुकी है कभी भी बडा हादसा से इंकार नहीं किया जा सकता है। उस खतरनाक पुलिया पर प्रशासन ने महरवानी दिखाते हुये नव निर्माण का फैसला तो ले लिया पर ऐसे ठेकेदार को ठेका दे दिया जिसने पुरानी पुलिया को क्षतिग्रस्त कर गोल हो गया।पुलिया पर खतरनाक गड्ढे हो गये और दुसरी ओर मलवा एकत्रित पडा है वर्षा व नालियों का पानी निकासी भी बन्द हो गयी। भारी मात्रा में कई वार्डो का दूषित पानी पुलिया के ऊपर से पानी गुजर रहा है जिससे आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड रहा है। स्थानीय प्रशासन से जन अपेक्षा है कि इस ओर ध्यानाकर्षण करें।
