गोला फर्रुखाबाद रेल मार्ग निर्माण के लिए भेजा गया मांग पत्र, छोटी काशी विकास संघर्ष समिति वर्षों से कर रही है मांग, वर्ष 1998 में हुआ था सर्वेक्षण | New India Times

वी.के.त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर-खीरी (यूपी), NIT:

गोला फर्रुखाबाद रेल मार्ग निर्माण के लिए भेजा गया मांग पत्र, छोटी काशी विकास संघर्ष समिति वर्षों से कर रही है मांग, वर्ष 1998 में हुआ था सर्वेक्षण | New India Times

छोटी काशी विकास संघर्ष समिति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और धौरहरा सांसद रेखा अरुण वर्मा को पिछले वर्ष भेजे गए मांग पत्र की प्रतिलिपि भेज कर गोला वाया मोहम्मदी शाहजहांपुर फर्रुखाबाद रेल मार्ग निर्माण की मांग की है। मांग पत्र के साथ 1998 में रेल मंत्री रहे नीतीश कुमार के पत्र की प्रतिलिपि भी भेजी गई है।
भेजे गए मांग पत्र में कहा गया है कि वर्ष 1998 में तत्कालीन रेलमंत्री नीतीश कुमार ने तत्कालीन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री मेनका गांधी को भेजे गए पत्र दिनांक 29 सितंबर 1998 में लिखा था कि बरहन एटा लाइन का शाहजहांपुर तक विस्तार करने संबंधी सर्वेक्षण को वर्ष 1998/ 99 के बजट में शामिल कर लिया गया है और शाहजहांपुर के रास्ते फर्रुखाबाद से गोला गोकरननाथ तक नई रेल लाइन बिछाने के लिए सर्वेक्षण को आदतन किया जा रहा है। मैलानी और गोला गोकर्णनाथ पहले से ही रेल लाइन द्वारा जुड़े हुए हैं जब कभी यह लाइनें तैयार हो जाएंगी तो वहां से संपर्क भी स्थापित हो जाएगा।

गोला फर्रुखाबाद रेल मार्ग निर्माण के लिए भेजा गया मांग पत्र, छोटी काशी विकास संघर्ष समिति वर्षों से कर रही है मांग, वर्ष 1998 में हुआ था सर्वेक्षण | New India Times

मांग पत्र में लिखा गया है कि 22 वर्ष व्यतीत होने के बाद भी गोला फर्रुखाबाद रेल मार्ग का निर्माण बजट स्वीकृत न होने के कारण कार्य संभव नहीं हो सका है।

रेखा अरुण वर्मा ने संसद में उठाई थी मांग

संस्था के अध्यक्ष लोकेश कुमार गुप्त और महामंत्री महेश कुमार पटवारी ने बताया कि पिछले वर्ष संस्था की मांग पर धौरहरा सांसद रेखा अरुण वर्मा ने संसद में गोला फर्रुखाबाद रेल मार्ग निर्माण की मांग की थी।

अंग्रेजी जमाने में उखड़ गया था मैलानी शाहजहांपुर रेल मार्ग

एक शतक पूर्व मैलानी शाहजहांपुर रेल मार्ग था जिस पर छोटी लाइन की ट्रेनें चलती थीं किंतु बाद में अनुपयुक्त मानकर फिरंगी सरकार ने रेल मार्ग निरस्त कर रेल लाइन उखाड़ ली थी। मेनका गांधी ने उखाड़े गए रेल मार्ग को पुनः शुरू करने के लिए मांग की थी और तत्कालीन रेलमंत्री नीतीश कुमार ने गोला गोकर्णनाथ वाया मोहम्मदी शाहजहांपुर फर्रुखाबाद रेल मार्ग स्वीकृत किया था।

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