संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:

ग्वालियर शहर के सबसे प्रमुख शिवमंदिर अचलेश्वर मंदिर का गर्भगृह लगभग 8 महीने से बन्द था लेकिन दीपावली के दिन यानी शनिवार से शिव भक्तों के लिये खोल दिया गया है। 19 मार्च से मंदिर के गर्भगृह को निर्माण कार्य के चलते बन्द कर दिया गया था। अब जाकर गभगृह तैयार हुआ है। मंदिर का निर्माण अभी भी जारी है।
मकराना के सफेद पत्थर से तैयार हो रहा है मंदिर

राजस्थान के मकराना के सफेद पत्थर से पूरे मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। ग्वालियर शहर के लश्कर सर्किल स्थित अचलेश्वर मंदिर में लोगों की आस्था है। एक मात्र यह मंदिर ही है जो बीच सड़क पर है। मंदिर के गर्भगृह के निर्माण का कार्य मांर्च महिने में शुरू हुआ था। पूरे मंदिर के निर्माण कार्य में लगभग 3 करोड़ 11 लाख रूपये खर्च होने वाले हैं। 19 मार्च को मंदिर के गर्भगृह को भक्तों के लिये बन्द कर दिया गया था इसके बाद कोरोना महामारी ने दस्तक दे दी थी। इस वजह कई दिनों से काम बंद रहा। अनलॉक होते ही काम शुरू हुआ है जब जाकर मंदिर का गर्भगृह तैयार हुआ है। इसलिये दीवाली की शुभ घड़ी में अचलेश्वर का गर्भगृह को भक्तों के लिये खोल दिया गया है। शनिवार को भक्तों ने मंदिर पहुंचकर शिवलिंग के दर्शन किये हैं।
महाराज बाड़ा स्थित छत्री में स्थापित लक्ष्मी जी के पूजन के लिये देर रात तक शहरवासी अपने परिवार के साथ दर्शन करने और पूजा करने के लिये पहुंच कर पूजा अर्चना कर दीपक लगा रहे थे। आपको बता दें कि महालक्ष्मी जी इस बार रंगों से संजाया गया है और इसके चारों तरफ से रोशनी की गयी है।
