आखिर आतंकी तेंदुए को वनविभाग की रेस्क्यू टीम ने पकड़ कर ज्ञानगंगा अभयारण्य में छोड़ा, तीन से अधिक लोगों पर किया था हमला | New India Times

कासिम खलील, ब्यूरो चीफ, बुलढाणा (महाराष्ट्र), NIT:

आखिर आतंकी तेंदुए को वनविभाग की रेस्क्यू टीम ने पकड़ कर ज्ञानगंगा अभयारण्य में छोड़ा, तीन से अधिक लोगों पर किया था हमला | New India Times

बुलढाणा जिला के खामगांव तहसील के कुछ ग्रामों के लोगों में तेंदुए के कारण भय का माहौल बना हुआ था। इस तेंदुए ने करीब तीन से अधिक लोगों पर हमला कर ज़ख्मी कर दिया था। आखिर इस आतंकी तेंदुए को बुलढाणा वनविभाग की रेस्क्यू टीम ने अथक प्रयास के बाद पकड़ लिया है।

बुलढाणा जिले की खामगांव वन रेंज अंतर्गत के ग्राम ढोरपगांव, भालेगांव, पोरज, कालेगांव, निमकवला के इलाके में पिछले कुछ दिनों से 2 तेंदुए साथ में घूमते हुए नज़र आ रहे थे। ऐसे में ढोरपगांव के पास जंगल से सटे इलाके मे 5 जुलाई को एक तेंदुआ तारों में फंस कर मरा हुआ दिखाई दिया जिसकी सूचना मिलने पर वनविभाग ने पहुंच कर पंचनामा करते हुए मृत तेंदुए को जला कर नष्ट कर दिया। अपने साथी की मौत के बाद दूसरा तेंदुआ आक्रमक हो गया था। 5 जुलाई को तेंदुए ने एक किसान पर हमला किया तथा अगले दिन 6 जुलाई को भी तेंदुए ने भालेगांव के पास खेत मे काम कर रहे 2 किसानों पर हमला किया जिस से दोनों किसानों को ज़ख्मी हालत में खामगांव के सरकारी अस्पताल में दाखिल किया गया। तेंदुए के हमले में 2 दिन के भीतर तीन किसानों के ज़ख्मी होने से क्षेत्र के किसानों में दहशत फैल गई थी और किसान व मजदूर खेत में काम करने के लिए जाने से घबरा रहे थे। बुलढाणा वनविभाग को सूचना मिलने पर रेस्क्यू टीम हरकत में आई और कैमरा ट्रेप और पिंजरे लगाते हुए इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया लेकिन तेंदुआ वनविभाग की रेस्क्यू टीम को निरंतर चकमा देता रहाह किसानों ने वनविभाग की मदद के लिए तेंदुए पर नज़र रखी, ऐसे में 13 जुलाई को यह आतंकी तेंदुआ ग्राम पोरज के पास ज्ञानगंगा नदी के छोर पर एक कछार में बैठे होने की सूचना एक चरवाहे द्वारा मिलते ही डीएफओ संजय माली के निर्देश पर बुलढाणा रेस्क्यू टीम के वनपाल राहुल चौहान, ईश्वर गवारगुरु, चालक शेख जाफर अपना रेस्क्यू का सामान लेकर वहां पहुंच गए तथा खामगांव के प्रभारी आरएफओ गिरनारे भी अपने दल के साथ उक्त स्थान पर आ गए और बडी चालाकी से कछार के मुहाने पर जेसीबी की मदद से पिंजरा लगाया गया और अतराफ में जाली लगाई गई जिसके बाद शाम के समय तेंदुआ पिंजरे में फंस गया। तेंदुआ की मेडिकल जांच करने के बाद उसे वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर बुलढाणा जिले के ज्ञानगंगा अभयारण्य में ले जाकर देर रात को एसीएफ गवारे की मौजूदगी में छोड़ दिया गया। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद किसानों ने चैन की सांस ली।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Gift this article