मेहलक़ा अंसारी, ब्यूरो चीफ बुरहानपुर (मप्र), NIT:

आल इंडिया कांग्रेस कमेटी ने दीपावली का उपहार स्वरूप बुरहानपुर विधानसभा चुनाव का टिकट रवींद्र महाजन को देकर उनकी उम्मीदवार पर अपनी मुहर लगा कर विगत चार दिनों से चल रही समस्त अटकलों को विराम दे दिया है। कांग्रेस ने पहले अल्पसंख्यक कोटे से हमीद क़ाज़ी को प्रत्याशी घोषित किया था लेकिन निर्वाचन आयोग द्वारा जनप्रतिनिधि क़ानून के प्रावधानों में संशोधन एवं न्यायपालिका की नई गाईड लाईन के प्रावधानों से घबरा कर उन्होंने अपना टिकट कांग्रेस पार्टी को वापस करते हुए उन्होंने अपने पुत्र नूर क़ाज़ी को उनका टिकट देने का आग्रह किया था या मेरा टिकट मेरे भांजे और जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय रघुवंशी को दिया जाए।

कांग्रेस आलाकमान ने तीन उम्मीदवार सर्वश्री नूर क़ाज़ी, अजय रघुवंशी और रवींद्र महाजन पर आधारित एक पैनल बना दी थी लेकिन अंततः फैसला रवींद्र महाजन के पक्ष में ही हुआ। रवींद्र महाजन भी शाहपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं लेकिन नए सीमांकन में शाहपुर के कुछ इलाक़े को बुरहानपुर विधानसभा में शामिल किया गया है। रवींद्र महाजन का शुमार अजय रघुवंशी ग्रुप में होता है। कांग्रेस पार्टी से कद्दावर नेता ठाकुर सुरेंद्र सिंह उर्फ शेरा भैया भी एक महत्वपूर्ण दावेदार थे और उनकी तरफ से ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा पार्टी अध्यक्ष कमलनाथ भी झुकाव रखते थे लेकिन अंतिम क्षणों में रवींद्र महाजन के पक्ष में फैसला हो गया और चौथी सूची में उनके नाम पर मुहर लग गई। वहीं शरद पवार की पार्टी से पार्टी की मध्यप्रदेश इकाई के अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष शरीफ राजगीर को पार्टी ने अपना उम्मीदवार घोषित किया है। एनसीपी ने मध्यप्रदेश से कुल 28 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की है, जिसमें एनसीपी ने 4 मुस्लिम उम्मीदवारों को भी अवसर प्रदान किया है।

ज़िला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अजय उदासीन ने बताया कि कांग्रेस उम्मीदवार और डमी उम्मीदवार 9 नवंबर को नामांकन पत्र दाखिल करेंगे, वहीं अपनी पूर्व घोषित योजना के अनुसार ठाकुर सुरेंद्र सिंह (शेरा भैया) लोक जन शक्ति पार्टी और शिवसेना के उम्मीदवार आज (8 नवंबर को) नामांकन दाखिल करेंगे। वहीं सत्ता पक्ष की ओर से घोषित भाजपा उम्मीदवार श्रीमती अर्चना चिटनिस दीदी भी 9 नवंबर को नामांकन दाखिल करेंगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि तक सियासी कशमकश और दांव-पेंच जारी रहने की संभावना है। वहीं कांग्रेस के बागी नेता ठाकुर सुरेंद्र सिंह (शेरा भैया) भी निर्दलीय चुनाव लड़ने का मन बना चुके हैं। इससे दो प्रमुख राजनैतिक दलों के साथ बुरहानपुर सीट से त्रिकोणीय मुक़ाबला हो सकता है। अब देखना यह है कि अपने घोषित उम्मीदवार के अलावा बागी उम्मीदवार के संबंध में कांग्रेस पार्टी क्या रूख अपनाती है। उसके रूख पर ही चुनाव केंद्रित रहेगा।
