गणेश मौर्य अंबेडकरनगर (यूपी), NIT:
प्रदेश सरकार किसानों के हित के लिए अनेक योजनाओं का संचालन कर रही है लेकिन उसके ही अधिकारी और कर्मचारी उसकी मंशा पर पानी फेरने में जुटे हुए हैं। सिंचाई विभाग द्वारा नहरों की सफाई और भरपूर पानी देने का दावा किया जा रहा है लेकिन किसान अधिकारियों के दावों को झूठा बता रहे हैं। विभाग का दावा है कि पूरे सीजन किसानों को समय पर पानी उपलब्ध कराया गया है। मगर अभी भी शारदा सहायक नहर मे पानी नहीं है और नहर पूरी तरह सुखा हुआ है।
जब पानी की सबसे ज्यादा जरूरत थी तो नहरों में पानी नहीं आया। जिसके कारण हमें दूसरे साधनों से फसलों की सिचाई करनी पड़ी। इतना ही नहीं विभाग के अधिकारी शिकायत का निस्तारण भी गलत तरीके से करके भ्रमित करने का कार्य कर रहे हैं।
शारदा सहायक नहर से निकलने वाली छोटी माइनर जो मौरापारा खेवरा अहरिया जैनापुर को जोड़ती हुई थिरूआ नाले में गिरती है इस नहर की बीते कुछ वर्षों से सफाई ना होने के कारण किसानों को नहर का पानी नहीं मिल पाता है जिसके कारण सीजन फसलों में काफी दिक्कतें होती है नहर की साफ-सफाई को लेकर ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक से मुलाकात की अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा मगर आज तक इस नहर की सफाई नहीं हुई ना ही किसानों को पानी मिल पाया और केंद्र की मोदी सरकार किसानों की दुगना फसल की बात कहती है।

