पानी निकासी की सुचारू व्यवस्था न होने से ग्रामीणों के घरों में भरा बरसात का पानी, दो दिनों से घरों नहीं जले चूल्हे, लोग भूख से परेशान | New India Times

फराज अंसारी, बहराइच (यूपी), NIT; 

पानी निकासी की सुचारू व्यवस्था न होने से ग्रामीणों के घरों में भरा बरसात का पानी, दो दिनों से घरों नहीं जले चूल्हे, लोग भूख से परेशान | New India Times​बहराइच जिला के रानीपुर बहराइच तराई में मौसम के करवट लेने से दो दिनों से लगातार झमाझम हो रही बारिश से जहाँ किसानों के चेहरे खिल उठे हैं वहीं सरकारी मशीनरी व जिम्मेदारों के हीलाहवाली से लोगों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है।

हुजूरपुर विकास खण्ड के ग्राम ताजपुर में दो दिनों से लगातार बारिश से जल निकासी की व्यवस्था ना होने के कारण लोगों के घरों में पानी भर गया है जिस कारण ग्रामीणों के घरों में दो दिन से चूल्हे नहीं जले हैं जिससे परिवार के बच्चे भूख से तड़फ रहे हैं। काफी मुश्किलों में ग्रामीणों को रात गुजारनी पड़ रही है। ताजपुर के पच्छू टोला में करीब 50 घरों  में 350 आबादी निवास करती है। ​पानी निकासी की सुचारू व्यवस्था न होने से ग्रामीणों के घरों में भरा बरसात का पानी, दो दिनों से घरों नहीं जले चूल्हे, लोग भूख से परेशान | New India Timesइस टोले का बरसात का पानी पहले गांव के ही एक व्यक्ति के खेत से होकर तालाब मे चला जाता था लेकिन उस खेत में उस  व्यकि ने मकान का निर्माण करा लिया है जिससे पानी निकलने का रास्ता बंद हो गया। मकान का निर्माण शुरू होने पर मकान मालिक ने जल निकासी के लिए पुलिया (होल पाईप ) लगाने पर सहमति दी थी लेकिन 1 वर्ष के बाद भी ग्राम प्रधान ने पुलिया नहीं लगवायी और न ही जल निकासी के लिए कोई कार्ययोजना बनाकर प्रस्ताव भेजा। ग्रामीण ने कई बार खंड विकास अधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर जल निकासी के लिए होल पाईप लगवाने की मांग की लेकिन अधिकारी द्वारा ग्राम प्रधान के कार्ययोजना में शामिल कर निर्माण करवाने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया।

इन ग्रामीणों के घर में भरा है पानी :-

कैय्यूम, रज्जब अली, सलामत अली, नसीम, फरीद, मकबूल, अली हुसैन, शहजाद, नाईम, नन्कू, हसीब, नसीम, आजाद, नन्हे, सपाटू, नसीर ,भूरे, अय्यूब, अमजाद, जमालू, चौधरी, कमाल, आदि करीब 40 घरों में पानी भर गया है।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.