संदीप शुक्ला, शिवपुरी (मप्र), NIT;
मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में मप्र कैबिनेट व प्रभारी मंत्री उस वक्त अपना आपा खो बैठीं जब स्कूल भवन के लोकार्पण के दौरान सूची में उनका नाम न दिखा, उन्होंने वहीं पर कलेक्टर को बीआरसी वीके ओझा को निलंबित करने का आदेश दे डाला। इतना ही नही उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी पीएस गिल को सभी के सामने मुर्गा बनाया और फटकार लगाई। इसके बाद आनन-फानन में उनका नाम जोड़ा गया। इस लोकार्पण समारोह में शिवपुरी कलेक्टर शिल्पा गुप्ता, पुलिस अधीक्षक सुनील पांडे सहित तमाम अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
दरअसल, इन दिनों प्रभारी मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया शिवपुरी जिले में दो दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान वे पिछोर विकासखंड के ग्राम शाजापुर में हाल ही में निर्मित एक स्कूल का लोकार्पण करने पहुंची। जहां आयोजक बीआरसी वीके ओझा ने सूचना पटल पर उनका नाम ही अंकित नहीं किया जबकि सभी अतिथियों एवं जनप्रतिनिधियों के नाम अंकित किए गए थे। जैसे ही उन्होंने फीता काटने के लिए स्कूल भवन में प्रवेश किया वैसे ही उनकी निगाह सामान्य जानकारी वाले सूचना पटल पर पड़ी जिसमें राष्ट्रपति से लेकर बीआरसी तक तमाम मंत्री, अधिकारी के नाम थे लेकिन उनका नहीं था। यह देख यशोधरा राजे अपना आपा खो बैठीं और बीआरसी से जवाब मांगा। जवाब ना मिलने पर उन्होंने तत्काल प्रभाव से ही कलेक्टर को बीआरसी बीके ओझा को निलंबित करने का आदेश दे दिया। उन्होंने कहा कि जब उनके साथ ऐसा बर्ताव हो सकता है तब विधायक प्रह्लाद भारती के साथ कैसा बर्ताव किया जाता होगा।
घटना के बाद वहां हड़कंप मच गया और अधिकारी सकते में आ गए। आनन-फानन में जब यशोधरा राजे भाषण दे रही थीं तब उसी बीच तत्काल प्रभाव से सामान्य जानकारी वाले सूचना पटल पर उनका नाम जोड़ा गया। इसके बाद मंत्री ने ग्रामीणों से विभिन्न योजनाओं की जानकारी ली और एक-एक कर कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई। तभी वहां मौजूद लोगों ने मंत्री की तारीफ की और जमकर तालियां बजाईं।
