अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान,भोपाल (मप्र), NIT:
राजधानी भोपाल में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल ने शहर की सफाई व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। शहर के लगभग सभी क्षेत्रों में सड़कों पर कचरे के ढेर नजर आ रहा है।घरों से कचरा उठाने वाले वाहन नहीं निकलने के कारण घर-घर में कचरा जमा है। सड़कों, गलियों और रिहायशी इलाकों में फैली गंदगी से आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते नगर निगम की नियमित सफाई व्यवस्था ठप पड़ गई है। न तो कचरा संग्रहण वाहन सड़कों पर पहुंचे और न ही निर्धारित स्थानों से कचरा उठाया जा सका। इसका असर शहर के हर हिस्से में दिखाई दे रहा है। जगह-जगह कचरे के ढेर जमा होने से दुर्गंध और गंदगी की समस्या भी बढ़ रही है।
बताया जा रहा है कि अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस ने एक दिन पहले ही मांगों को लेकर हड़ताल की चेतावनी दे दी थी। इसके बावजूद नगर निगम प्रशासन और सरकार की ओर से सफाई कर्मचारी संगठनों के साथ समय रहते तालमेल नहीं बैठाया जा सका। नतीजतन कर्मचारियों की हड़ताल शुरू हो गई और इसका खामियाजा राजधानी के नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब हड़ताल की चेतावनी पहले ही मिल चुकी थी, तो समय रहते समाधान निकालने के प्रयास क्यों नहीं किए गए?
राजधानी की सफाई व्यवस्था चरमराने से अब नागरिकों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है। यदि जल्द ही कर्मचारियों की मांगों पर सहमति बनाकर हड़ताल समाप्त नहीं कराई गई, तो शहर में कचरे का संकट और गंभीर हो सकता है।

