मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

भारतीय संस्कृति की प्राचीन सभ्यतागत परंपराओं, करुणा, सहिष्णुता, आपसी सद्भाव और एकता के मूल्यों को वैश्विक स्तर पर स्थापित एवं प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से वर्ल्ड पीस हार्मनी निरंतर कार्य कर रहा है। यह संगठन विभिन्न देशों और समाजों के बीच आपसी संवाद, विश्वास और सहयोग का सेतु बनकर विश्व एकता की भावना को मजबूत करने के लिए समर्पित है। यह बात वर्ल्ड पीस हार्मनी के चेयरमैन एवं सैफ़ी इंटरनेशनल इवेंट्स एंड टेलीफिल्म्स के सीईओ डॉ. शकील सैफ़ी ने नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर जयपुर से पहुंचे शिष्टमंडल के साथ चर्चा के दौरान कही।
इस अवसर पर डॉ. शकील सैफ़ी ने ख्यात उपन्यासकार एवं लेखक मुरारी गुप्ता की चर्चित पुस्तक ‘चलो किसी लंबे सफर पे चलें’ का विमोचन किया। इस दौरान श्री गुप्ता ने डॉ. सैफ़ी के साथ साहित्यिक चर्चा करते हुए अपने उपन्यासों, कहानियों और फिल्मी पटकथाओं से जुड़े अनुभव साझा किए।
डॉ. सैफ़ी ने कहा कि भारत का प्राचीन आदर्श ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ पूरी दुनिया को एक परिवार मानने की प्रेरणा देता है। इसी विचारधारा से प्रेरित होकर वर्ल्ड पीस हार्मनी विभिन्न देशों, नेताओं और समुदायों के बीच संवाद, विश्वास तथा आपसी सहयोग को बढ़ावा दे रहा है। संगठन का लक्ष्य शांति, मानवता और न्याय पर आधारित ऐसे विश्व का निर्माण करना है, जहां प्रत्येक व्यक्ति को उसकी राष्ट्रीयता, धर्म और सामाजिक पृष्ठभूमि से परे समान सम्मान, अवसर और बेहतर भविष्य की उम्मीद मिल सके।
उन्होंने संगठन की आगामी योजनाओं पर चर्चा करते हुए बताया कि अपने दिवंगत पुत्र मुहम्मद फ़ैज़ सैफ़ी की स्मृति में वे एक अस्पताल का निर्माण करना चाहते हैं, ताकि मानव सेवा के माध्यम से उनकी स्मृतियों को स्थायी स्वरूप दिया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने राजस्थान में फिल्म सिटी की स्थापना की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया।
इस अवसर पर डॉ. शकील सैफ़ी के पुत्र हमज़ा सैफ़ी, हाजी हारुन गयावी, पूर्व पार्षद एवं कांग्रेस नेता ज़ाकिर खान तथा अभिनेता अरुण बख्शी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

