मक़सूद अली, यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:

मानवता और सामाजिक सेवा की मिसाल पेश करते हुए, ‘वहदत-ए-इस्लामी हिंद’ (Wahdate Islami Hind) की यवतमाल शाखा की ओर से हाल ही में मातोश्री सुशीलाबाई मा. नागपुरे वृद्धाश्रम तथा अनाथालय ट्रस्ट, आर्णी में एक विशेष सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आश्रम में रह रहे वृद्ध महिला एवं पुरुषों को सर्दी से राहत दिलाने के उद्देश्य से कंबल, नए कपड़े और फल वितरित किए गए।

210 वृद्धजनों को मिली ठंड से राहत
कार्यक्रम के दौरान आश्रम में निवास कर रहे लगभग 210 वृद्ध महिला एवं पुरुषों को ठंड के मौसम को ध्यान में रखते हुए कंबल, नए कपड़े और स्वास्थ्यवर्धक फल भेंट किए गए। अपनों से दूर जीवन गुजार रहे इन बुजुर्गों के चेहरों पर उस समय खुशी साफ झलक रही थी, जब उन्हें युवाओं और कार्यकर्ताओं का स्नेह एवं सहयोग मिला।
कार्यक्रम की शुरुआत में पैगंबर मोहम्मद साहब द्वारा माता-पिता और बुजुर्गों के प्रति दिए गए आदर्शों एवं शिक्षाओं को प्रस्तुत किया गया। साथ ही संगठन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि बुजुर्ग हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनका सम्मान करना और उनके बुढ़ापे को आसान बनाना हमारा नैतिक एवं सामाजिक कर्तव्य है। इस तरह के कार्यक्रम न केवल जरूरतमंदों की मदद करते हैं, बल्कि समाज में आपसी भाईचारे, करुणा और संवेदना की भावना को भी मजबूत बनाते हैं।
वहदत-ए-इस्लामी शाखा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे उपस्थित
इस संपूर्ण सेवा कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में वहदत-ए-इस्लामी हिंद की यवतमाल शाखा के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में शाखा के अध्यक्ष सहित प्रमुख कार्यकर्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने वृद्धजनों से आत्मीयता के साथ मुलाकात की, उनका हालचाल जाना और उनके अच्छे स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना की।
आश्रम के संचालकों और वृद्धजनों ने वहदत-ए-इस्लामी हिंद की इस पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा की और संगठन के प्रति आभार व्यक्त किया। अंत में सभी ने मिलकर बुजुर्गों के सुखद एवं स्वस्थ भविष्य के लिए दुआएं कीं।

