मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

जुन्नारदेव की ग्राम पंचायत दातलावादी में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता और फर्जीवाड़े के आरोप सामने आए हैं। ग्राम पंचायत के पंचों ने इस संबंध में लोकायुक्त से शिकायत की थी। शिकायत के बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ), जिला पंचायत छिंदवाड़ा द्वारा एक जांच टीम गठित की गई।

जांच टीम में निशांत सिक्केबार, परियोजना अधिकारी, जीआरएस रामजी एवं केपी सिंह, एसडीओ आरईएस तामिया को शामिल किया गया। टीम को रोजगार सहायक कृष्ण कुमार सोमकुंवर के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच का जिम्मा सौंपा गया। टीम द्वारा सभी संबंधित आवेदकों के कथन लिए गए तथा जांच प्रतिवेदन तैयार किया गया।

शिकायतकर्ता पंचों का आरोप है कि मनरेगा में मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाई जाती है और बैंक के माध्यम से भुगतान होने के बाद हितग्राहियों से राशि वापस ले ली जाती है। आरोप है कि जिन हितग्राहियों ने कभी मनरेगा में काम नहीं किया, उनके या अन्य लोगों के जॉब कार्ड में रिश्तेदारों और बाहरी लोगों के नाम दर्ज कर लाखों रुपये का भुगतान निकाला गया।
सगे-संबंधियों और प्रवासियों के नाम पर फर्जीवाड़े का आरोप
शिकायत में बिंदुवार आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, ऐसे लोगों के नाम भी मनरेगा में पंजीकृत कर भुगतान उठाया गया, जिन्होंने वास्तव में काम नहीं किया। आरोप है कि जॉब कार्ड में अन्य लोगों के नाम जोड़कर फर्जी हाजिरी दर्ज की गई और इसके आधार पर भुगतान कराया गया।

