ज़फ़र खान, अकोट/अकोला (महाराष्ट्र), NIT:
दो चोरी की वारदातों के बाद मध्यप्रदेश की ओर फरार हुए कुख्यात गिरोह का अकोला पुलिस ने सात दिन तक लगातार पीछा किया। स्थानीय अपराध शाखा की टीम करीब 1,200 किलोमीटर दूर मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के कड़िया गांव तक पहुंची। पुलिस की दबिश की भनक लगते ही आरोपी फरार हो गए, लेकिन उनके ठिकानों से दोनों मामलों से संबंधित 11 लाख 90 हजार रुपये की नकदी बरामद कर ली गई।
अकोला में 9.50 लाख रुपये की चोरी के बाद शुरू हुआ पीछा
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में प्रणव ज्वेलर्स के संचालक परेश चंदुलाल सराफ दुकान बंद कर घर पहुंचे थे। उनकी टीवीएस जुपिटर मोपेड की डिक्की में रखे 9 लाख 50 हजार रुपये और चाबियों की थैली पर चोरों ने हाथ साफ कर दिया। मामला दर्ज होते ही स्थानीय अपराध शाखा की टीम ने वारदात से जुड़े सुरागों की जांच शुरू की।
इसी दौरान अकोट शहर में भी चोरी की एक वारदात सामने आई। आरोपियों ने भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के पास योगेश पुरुषोत्तम चांडक की 2 लाख 88 हजार रुपये की नकदी से भरी कपड़े की थैली लेकर फरार हो गए। दोनों वारदातों के तरीके और घटनाक्रम को देखते हुए पुलिस ने आपस में इनके संबंधों की जांच शुरू की।
सीसीटीवी फुटेज से मिला पहला सुराग
जांच के दौरान पुलिस को सीसीटीवी फुटेज से महत्वपूर्ण सुराग मिले। इन्हीं सुरागों के आधार पर पुलिस टीम आरोपियों का पीछा करते हुए मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के कड़िया गांव तक पहुंची। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी फरार हो गए। उनके ठिकानों की तलाशी के दौरान पुलिस ने चोरी के मामलों से संबंधित कुल 11 लाख 90 हजार रुपये बरामद किए।

