नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

2003 ईश्वर बाबूजी जैन के प्रयासों से जामनेर नगर परिषद को केंद्र सरकार द्वारा जवाहरलाल नेहरू नगर उत्थान योजना के अंतर्गत करीब 1300 घरकुल मंजूर किए गए। योजना का काम बीजेपी के शासन में पूरा किया गया। तब से लेकर आज तक सत्ता में बनी बीजेपी ने जामनेर के लिए एक नया घरकुल नहीं बनाया है। 2003 की योजना का एक यूनिट जामनेर पूरा इलाके में वितरण की प्रतीक्षा में है। सूत्रों के मुताबिक़ घरकुल योजना में किए गए कथित भ्रष्टाचार के सबूत एकत्रित किए जा रहे।

मंत्री गिरीश महाजन के राजनीतिक करियर को चमकाने वाले मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लोग अपने लिए स्वतंत्र पत्रकार काॅलोनी की मांग करते करते कब इस पेशे से बाहर हो कर बीजेपी के कार्यकर्ता बन गए ये पता हि नहीं चला। नगर परिषद की 25 साल की सत्ता में 17 साल से बीजेपी का निर्विवाद राज है। 12 साल से गिरीश महाजन कैबिनेट मंत्री हैं बावजूद इसके शहर के रचनात्मक विकास को लेकर जामनेर नगर परिषद की कोई ठोस उपलब्धि नहीं है। विकास के नाम पर बेहद सस्ता पीआर चल रहा है। सबसे खस्ता हालत 20 हजार की आबादी वाले मुस्लिम रिहायशी इलाके की है। मुस्लिम वार्ड्स में सड़क स्कूल क्लीनिक लाइब्रेरी स्ट्रीट लाइट्स जैसी बुनियादी जरूरतें नहीं है।
अचानक सक्रिय हो गए व्यापारी :
गिरीश महाजन के बत्तीस साल के एकछत्र राज के दौरान पहली बार व्यापारी संघ ने प्रशासन को कटघरे में खड़ा करने की हिम्मत की है। सार्वजनिक उत्सवों में अनुशासन का अभाव , डीजे बंदी , छुट्टे सांडो को पकड़ने की मांग , पखवाड़ा बाजार मैदान के बाहर ऑटो रिक्शा वालों की मनमानी , बिगड़ती कानून व्यवस्था जैसी तमाम समस्याओं को लेकर कुछ छोटे बड़े व्यापारियों ने मिलकर सरकारी महकमों को ज्ञापन दे कर कार्यवाही की मांग की है। संतोष पंडित , विद्यानंद बापट , रमेश गुप्ता , शिवराम पाटिल मगर जैसे जनवादी यू ट्यूबर्स से प्रेरित हो कर नागरिकों की ओर से शहर सुधार का प्रयास किया जा रहा होगा तो इसे किसी एक नेता द्वारा स्थापित किए गए राजतंत्र के अंत के आरंभ के तौर पर देखा जाना चाहिए।

