मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर किए जा रहे विकास के दावों की जमीनी हकीकत एक बार फिर सामने आई है। जुन्नारदेव विकासखंड के कुकरपानी गांव में प्रसव पीड़ा से परेशान गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए परिजनों को करीब तीन किलोमीटर तक उबड़-खाबड़ रास्ते पर डोली/खाट के सहारे ले जाना पड़ा। इसके बाद मुख्य मार्ग से एंबुलेंस की मदद से महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दमुआ पहुंचाया गया।
बताया जा रहा है कि घटना देर रात करीब 2 बजे की है। अंधेरे और कठिन रास्ते के बीच परिजनों ने महिला को खाट पर लिटाकर पैदल मुख्य मार्ग तक पहुंचाया। वायरल वीडियो में परिजनों की मजबूरी और ग्रामीण क्षेत्र की बदहाल सड़क व्यवस्था साफ नजर आ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव तक पक्की सड़क नहीं होने के कारण आपात स्थिति में मरीजों को इसी तरह मुख्य मार्ग तक पहुंचाना पड़ता है। खासकर बारिश के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है। उनका आरोप है कि सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण ग्रामीणों को आए दिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
गौरतलब है कि जिले में महज तीन दिनों के भीतर इस तरह की दूसरी घटना सामने आने से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों ने प्रशासन से गांव तक पक्की सड़क निर्माण और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर व्यवस्था किए जाने की मांग की है।
