मक़सूद अली, ब्यूरो चीफ, यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:

यवतमाल जिला परिषद के सामने आदिवासी विद्यार्थियों एवं बेरोजगार युवाओं द्वारा विभिन्न मांगों को लेकर 19 अगस्त से शुरू किया गया अनिश्चितकालीन उपोषण एवं आंदोलन शुक्रवार को 10वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन को ‘पुलिस हक्क संघर्ष संगठन’ ने खुला समर्थन देते हुए सरकार और प्रशासन से आंदोलनकारियों की मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।
संगठन के पदाधिकारी आंदोलन स्थल पर पहुंचे और विद्यार्थियों से चर्चा कर उनकी मांगों का समर्थन किया। संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि जिले के भूमिपुत्र आदिवासी विकास मंत्री होने के बावजूद पिछले 10 दिनों से विद्यार्थी आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अब तक ठोस समाधान नहीं निकलना दुर्भाग्यपूर्ण है। 27 अगस्त को प्रस्तावित बैठक ऐन समय पर रद्द कर 1 सितंबर की तारीख दिए जाने पर भी संगठन ने नाराजगी जताई।
संगठन ने मांग की कि अगले दो दिनों के भीतर बैठक आयोजित कर विद्यार्थियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाए। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में 12,500 से अधिक पदों पर आदिवासी विशेष भर्ती तत्काल शुरू करना, पेसा एवं गैर-पेसा क्षेत्रों के 17 संवर्गों की लंबित भर्ती प्रक्रिया शुरू करना, एमपीएससी गट-क के तलाठी पदों में पेसा क्षेत्र के मंजूर, कार्यरत एवं रिक्त पदों तथा रोस्टर की जानकारी सार्वजनिक करना और पवित्र प्रणाली के तहत शिक्षक भर्ती में आदिवासी पेसा एवं गैर-पेसा क्षेत्रों की रिक्तियां उपलब्ध कराना शामिल है।
इसके अलावा भर्ती प्रक्रिया में अनुसूचित जनजाति (एसटी) की बिंदु नियमावली पूर्ववत ‘2’ पर लागू करने की मांग भी की गई है।
संगठन ने शासन को चेतावनी दी कि आंदोलनकारी विद्यार्थियों और बेरोजगार युवाओं के धैर्य की परीक्षा न ली जाए। उनकी न्यायसंगत मांगों पर बिना विलंब निर्णय लिया जाए। संगठन ने कहा कि विद्यार्थियों के अधिकारों की इस लड़ाई में वह मजबूती से उनके साथ खड़ा रहेगा।
इस अवसर पर विदर्भ महिला अध्यक्ष मनीषा तिरणकर, यवतमाल जिलाध्यक्ष सुकांत वंजारी, जिलाध्यक्षा धम्मवती वासनिक, जिला उपाध्यक्ष राजश्री मानकर, पुष्पजया भगत, विद्या परचाके, संगीता पुरी, जिला संपर्क प्रमुख दीपाली नाईकवाडे, जिला सचिव स्मिता नागदिवे, जिला संगठक नीलिमा ढोंगळे, यवतमाल जिला संगठक अशोकराव उमरकर, तालुकाध्यक्ष मोबीन शेख, महिला शहर अध्यक्ष वैशाली केराम, जिला सहसंगठक लता हुमणे एवं सह-संपर्क प्रमुख मंगला किनेकर सहित संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
रक्षाबंधन पर आंदोलन स्थल पर ही मनाया पर्व: आंदोलन के दौरान रक्षाबंधन के अवसर पर उपोषण पर बैठीं महिला पदाधिकारियों ने आंदोलन स्थल पर ही एक-दूसरे को राखी बांधकर पर्व मनाया। इस दौरान आंदोलन स्थल पर सामाजिक एकता, भाईचारे और संघर्ष में एकजुटता का संदेश देखने को मिला। संगठन के समर्थन के बाद आंदोलन को नया बल मिला है। अब सरकार और प्रशासन से आंदोलनकारियों की मांगों पर शीघ्र ठोस निर्णय की अपेक्षा की जा रही है।

