मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:
मध्यप्रदेश आदिम जाति कल्याण विभाग के तत्कालीन कमिश्नर श्री नरोत्तम सिंह वरकडे को न्यायालय की अवमानना का नोटिस जारी किए जाने और 25 अगस्त 2026 को हाईकोर्ट में स्वयं उपस्थित रहने के आदेश के बावजूद वे उपस्थित नहीं हुए। वहीं, वर्तमान कमिश्नर श्री तरुण राठी भी न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद हाईकोर्ट ने 26 अगस्त 2026 को पुनः आदेश जारी करते हुए दोनों अधिकारियों को आगामी 31 अगस्त 2026 को व्यक्तिगत रूप से हाईकोर्ट में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।
याचिकाकर्ता बुरहानपुर निवासी शिक्षिका श्रीमती अनीता जैन (लोदले) की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता श्री गिरीश कुमार अग्रवाल ने बताया कि हाईकोर्ट के 10 दिसंबर 2024 के आदेश के तहत याचिकाकर्ता को सेवा में बहाल करने तथा प्रथम नियुक्ति दिनांक 3 जनवरी 2022 से अब तक का संपूर्ण वेतन एवं अन्य सेवा लाभ प्रदान करने के निर्देश दिए गए थे। आरोप है कि उक्त आदेश का अब तक पालन नहीं किया गया है।
अधिवक्ता श्री अग्रवाल ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना को लेकर दायर दूसरी अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने जनजातीय कार्य विभाग के कमिश्नर को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। इससे पूर्व न्यायालय ने 25 अगस्त 2026 को भी अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का आदेश दिया था, लेकिन निर्धारित तिथि पर उपस्थिति नहीं होने के बाद अब 31 अगस्त 2026 को पुनः व्यक्तिगत उपस्थिति के निर्देश जारी किए गए हैं।

