अहमद रज़ा खान, चुनार/मिर्ज़ापुर (यूपी), NIT:

पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद (सल.) के यौम-ए-पैदाइश के मौके पर चुनार नगर में जुलूस-ए-मोहम्मदी अकीदत, अहतराम और आपसी भाईचारे के साथ निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। इस दौरान पूरा जुलूस मार्ग “लब्बैक या रसूल अल्लाह” के नारों और मनमोहक नातिया कलाम से गूंजता रहा।
जुलूस में पीर-ए-तरीकत हजरत सैयद आदिल मियां साहब किबला ने लोगों को नबी-ए-करीम हजरत मोहम्मद (स.अ.व.) के बताए रास्ते पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि नबी साहब और उनके सहाबा ने आपसी प्रेम, भाईचारे और मिल-जुलकर इस्लाम के शांति एवं सद्भाव के संदेश को आगे बढ़ाया।
जुलूस के दौरान चुनार की ऐतिहासिक गंगा-जमुनी तहजीब की झलक भी देखने को मिली। विभिन्न वर्गों के लोगों ने आपसी सौहार्द और भाईचारे की मिसाल पेश की।

शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा। क्षेत्राधिकारी (सीओ) गायत्री यादव ने जुलूस मार्ग का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और लोगों से शांतिपूर्ण ढंग से जुलूस में शामिल होने तथा आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से होकर गुजरा और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।

