स्कूल भवन व मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर छात्राओं ने किया चक्काजाम, हैंडपंप पर कब्जे से बढ़ा विवाद | New India TimesOplus_131072

राकेश यादव, ब्यूरो चीफ, सागर (मप्र), NIT:

रसेना शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में भवन, पेयजल, खेल मैदान और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर छात्राओं ने स्टेट हाईवे पर करीब ढाई घंटे तक चक्काजाम किया। अधिकारियों की समझाइश और समस्याओं के निराकरण के आश्वासन के बाद छात्राओं ने जाम समाप्त किया। घटना के दौरान स्कूल परिसर में हैंडपंप पर किए गए कथित अतिक्रमण को लेकर नया विवाद भी सामने आया।
छात्राओं का आरोप था कि सोमवार सुबह जब वे स्कूल पहुंचीं तो परिसर में लगे हैंडपंप के आसपास एक महिला ने तार फेंसिंग कर कब्जा कर लिया था। इससे छात्राओं को पेयजल के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। आक्रोशित छात्राओं ने स्कूल की अन्य मूलभूत समस्याओं को लेकर भी आवाज उठाते हुए स्टेट हाईवे पर चक्काजाम कर दिया।
सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार दीवान चंद्रभान सिंह और थाना प्रभारी अजय भदौरिया मौके पर पहुंचे और छात्राओं की समस्याएं सुनीं। पेयजल समस्या को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने स्कूल परिसर से कथित अतिक्रमण हटाने के लिए जेसीबी बुलवाई। देर शाम तक परिसर में की गई तार फेंसिंग हटाकर हैंडपंप को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
इस दौरान महिला धर्मवती वैरागी और उसकी बेटी ने आरोप लगाया कि स्कूल परिसर के पास तार फेंसिंग कर कब्जा प्राचार्य प्रभात लोधी से बातचीत के बाद किया गया था।

महिला का दावा है कि प्राचार्य ने इसके एवज में 20 हजार रुपये मांगे थे, जिसमें से 8 हजार रुपये उसने अप्रैल में स्कूल जाकर दिए थे। महिला के मुताबिक प्राचार्य ने कहा था कि स्कूल भवन दूसरी जगह बनेगा और वर्तमान स्थान खाली हो जाएगा, जिसके बाद वह वहां कब्जा कर सकती है। महिला ने मामले की पुष्टि स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों से किए जाने की मांग की है।
वहीं प्राचार्य प्रभात लोधी ने महिला के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि उन्होंने महिला से कोई राशि नहीं ली है। उनके अनुसार महिला ने स्वयं तार फेंसिंग कर हैंडपंप को अपने कब्जे में ले लिया था। सुबह छात्राओं को पानी नहीं मिला, जिसके बाद उनमें आक्रोश फैल गया और उन्होंने चक्काजाम कर दिया। प्राचार्य ने पुलिस को शिकायत देकर महिला से जान का खतरा होने की बात भी कही है।
थाना प्रभारी अजय भदौरिया ने मौके पर मौजूद महिलाओं को समझाइश देकर स्थिति शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाए जाने के बाद स्थिति सामान्य हुई।
साढ़े पांच सौ छात्राएं चार कमरों में पढ़ने को मजबूर
रसेना हायर सेकेंडरी स्कूल की स्थिति लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई है। विद्यालय वर्तमान में सहकारिता के गोदाम के चार कमरों में संचालित हो रहा है, जहां करीब साढ़े पांच सौ छात्राएं दो पालियों में अध्ययन करती हैं। कक्षा पहली से बारहवीं तक के विद्यार्थियों वाले इस एकीकृत विद्यालय में पर्याप्त कक्षों, शौचालय, पेयजल और खेल मैदान जैसी सुविधाओं का अभाव है। छात्राओं को कई बार खुले में शौच जाने की मजबूरी का सामना करना पड़ता है।
विद्यालय के लिए 7.58 हेक्टेयर जमीन स्वीकृत होने के साथ छह कमरों के निर्माण के लिए करीब 1 करोड़ 17 लाख रुपये की राशि भी स्वीकृत है, लेकिन भवन निर्माण का कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है। अप्रैल में प्रयोगशाला भवन का निर्माण शुरू हुआ था, जो अभी अधूरा पड़ा है।
पूर्व मंत्री हर्ष यादव ने प्रशासन पर उठाए सवाल
छात्राओं के चक्काजाम को लेकर पूर्व मंत्री हर्ष यादव ने उनके संघर्ष की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में विद्यालय के लिए जमीन स्वीकृत कराई गई थी, लेकिन लालफीताशाही के कारण आज तक भवन निर्माण नहीं हो पाया। उन्होंने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब छात्राओं को पेयजल, शौचालय और भवन जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलतीं, तो उन्हें सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। उन्होंने विद्यालय की समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने की मांग की।

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