देवरी में धूमधाम से मनाई गई वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की जयंती | New India Times

त्रिवेंद्र जाट, देवरी/सागर (मप्र), NIT:


वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की जन्म जयंती के अवसर पर रविवार को देवरी नगर में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर हाईस्कूल परिसर से विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कृषि उपज मंडी प्रांगण पहुंची। यहां शोभायात्रा का समापन विशाल आमसभा के रूप में हुआ।
शोभायात्रा में बड़ी संख्या में समाजबंधुओं सहित विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के लोग शामिल हुए। यात्रा के दौरान जगह-जगह वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की झांकी का पुष्पवर्षा एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। नगर में स्थापित विभिन्न महापुरुषों की प्रतिमाओं पर भी माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इसके बाद मंडी प्रांगण में आयोजित विशाल आमसभा को क्षेत्रीय सांसद राहुल सिंह लोधी, लोधी क्षत्रिय समाज के प्रदेश अध्यक्ष जालम सिंह पटेल, बंडा विधायक बीरेंद्र सिंह लोधी लंबर दार  सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया।
क्षेत्रीय सांसद राहुल सिंह लोधी ने कहा कि समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। देवरी क्षेत्र में समाजजनों के प्रयासों से तेरहवीं जैसी कुरीतियों में कमी आ रही है। उन्होंने समाज के लोगों से शिक्षा और व्यवसाय के क्षेत्र में आगे बढ़ने तथा अपनी क्षमता के अनुसार मेहनत करने का आह्वान किया।

देवरी में धूमधाम से मनाई गई वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की जयंती | New India Times

लोधी क्षत्रिय समाज के प्रदेश अध्यक्ष जालम सिंह पटेल ने वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी के जीवन और उनके अदम्य साहस पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रानी अवंतीबाई का जन्म 16 अगस्त 1831 को सिवनी जिले के मनकेहड़ी गांव में हुआ था। उनका विवाह रामगढ़ राज्य के राजकुमार विक्रमादित्य सिंह लोधी से हुआ था। पति के अस्वस्थ होने के बाद उन्होंने अपने पुत्रों के संरक्षण के साथ रामगढ़ राज्य की जिम्मेदारी संभाली।
1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजों की हड़प नीति का रानी अवंतीबाई ने कड़ा विरोध किया। उन्होंने करीब चार हजार सैनिकों की सेना तैयार कर अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष का बिगुल फूंका। मंडला के समीप खैरी गांव में अंग्रेजी सेना के विरुद्ध युद्ध में उन्होंने वीरता का परिचय दिया। बाद में देवहरगढ़ की पहाड़ियों में अंग्रेजों से घिर जाने पर उन्होंने 20 मार्च 1858 को मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य लोधी समाज महिला प्रदेश अध्यक्ष तृप्ती लोधी ने भी वीरांगना रानी अवंतीबाई के साहस, स्वाभिमान और बलिदान को नमन करते हुए उनके आदर्शों को समाज और युवा पीढ़ी तक पहुंचाने की बात कही।व समाज को शिक्षित बनाने शराब मुक्त करने की बात कही युवा प्रदेश अध्यक्ष सर्वजीत सिंह कानोनी, , गुड्डू अमोदा सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया।
वक्ताओं ने समाज को शिक्षित, नशामुक्त एवं संगठित बनाने के साथ सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजबंधुओं की उपस्थिति रही। आयोजन को सफल बनाने में सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न समुदायों के लोगों का सहयोग रहा।इस अवसर पर कार्यक्रम मे मुख्य रूप से पूर्व जिला पंचायत सदस्य तृप्ति सिंह लोधी जनपद सदस्य बीरेंद्र लोधी सेमराखेड़ी, लक्ष्मण सिंह लोधी सिलारपुर,प्रीतम सिंह लोधी,इंद्रराज लोधी, लोधी समाज के देवरी ब्लॉक अध्यक्ष कमलेश लोधी खेड़ी, अरविंद लोधी, अंकित दीवान,राजेंद्र लोधी, पुष्पेंद्र लोधी, दामोदर लोधी रत्नेश लोधी, राहुल लोधी,राजेंद्र लोधी पूरेना, सत्यम लोधी आदि बड़ी संख्या मे लोग शामिल रहे।

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