मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:
थाना नेपानगर क्षेत्र में नाबालिग बालिका से दुष्कर्म एवं आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण के मामले में बुरहानपुर पुलिस की प्रभावी विवेचना के चलते माननीय विशेष न्यायालय (पॉक्सो), बुरहानपुर ने आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास तथा ₹5,000 के अर्थदंड से दंडित किया।
पुलिस के अनुसार, 2 जून 2025 को थाना नेपानगर क्षेत्र में एक नाबालिग बालिका द्वारा कुएं में कूदकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया था। मर्ग जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी विनोद पिता दिनेश निंगवाल, निवासी ग्राम बाकड़ी, नेपानगर ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया था। इस घटना और सामाजिक बदनामी के भय से आहत होकर पीड़िता ने कुएं में कूदकर आत्महत्या कर ली।
जांच के आधार पर थाना नेपानगर में अपराध क्रमांक 287/2025 दर्ज कर आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(2)(m), 65 एवं 107 तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 3/4 एवं 5(l), 5(j)(ii)/6 के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना की गई।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में प्रकरण को चिन्हित श्रेणी में रखते हुए बुरहानपुर पुलिस ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी की। पुलिस ने वैज्ञानिक एवं भौतिक साक्ष्य एकत्रित किए तथा गवाहों की समय पर न्यायालय में उपस्थिति सुनिश्चित कराई।
माननीय विशेष न्यायालय (पॉक्सो), जिला बुरहानपुर ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं ₹5,000 के अर्थदंड से दंडित किया।
प्रकरण की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी नेपानगर निरीक्षक श्रीमती ज्ञानू जायसवाल एवं उनकी पुलिस टीम ने की। उनकी प्रभावी विवेचना और साक्ष्य संकलन के परिणामस्वरूप आरोपी को न्यायालय से कठोर सजा दिलाने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई।

