मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:
मध्य प्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर प्रदेशभर के लगभग 20 हजार पटवारी सोमवार से अपनी 5 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल पर चले गए हैं। छिंदवाड़ा जिले की सभी तहसीलों के पटवारियों ने भी हड़ताल में शामिल होकर शासकीय कार्यों का बहिष्कार कर दिया है। इससे राजस्व विभाग के कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो गए हैं।
पटवारी संघ लंबे समय से कैडर रिव्यू, पदोन्नति, वेतन विसंगतियों का निराकरण, सुरक्षा, लंबित मानदेय का भुगतान, स्थानांतरण नीति में सुधार तथा भर्ती नियमों में संशोधन जैसी मांगों को लेकर आंदोलनरत है। संघ ने पहले चरणबद्ध आंदोलन के तहत ज्ञापन सौंपना, सामूहिक अवकाश, काली पट्टी बांधकर कार्य करना, केवल राजस्व कार्य करना तथा ऑनलाइन सेवाएं बंद करना जैसे कदम उठाए थे। मांगें पूरी नहीं होने पर अब अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी गई है।
पटवारी संघ के अध्यक्ष रवि नागोद ने बताया कि जिले के सभी पटवारी हड़ताल पर हैं। इसके कारण नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, गिरदावरी, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) सहित अन्य राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पटवारियों के बिना राजस्व व्यवस्था का सुचारु संचालन संभव नहीं है और शासन की उदासीनता के कारण उन्हें यह आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
पटवारी संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। हड़ताल के चलते किसानों और आम नागरिकों को राजस्व संबंधी कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
सोमवार को जुन्नारदेव तहसील के पटवारियों ने अपना बस्ता तहसील कार्यालय में जमा कराया और इसके बाद तहसील कार्यालय परिसर स्थित शिव मंदिर में एकजुट होकर धरने पर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने आंदोलन की आगामी रणनीति पर भी चर्चा की।

