ज़फ़र खान, अकोट/अकोला (महाराष्ट्र), NIT:
पत्नी पर अवैध संबंधों का संदेह कर ब्लेड से गले पर जानलेवा हमला करने के आरोपी गजानन नागोराव सोनोने की जमानत याचिका अकोट के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने खारिज कर दी। यह आदेश अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश बी.एम. पाटिल ने पारित किया।
प्रकरण के अनुसार, अकोट शहर पुलिस थाना में अपराध क्रमांक 318/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज है। आरोपी गजानन सोनोने (38), निवासी आसेगांव बाजार, तहसील अकोट, पर अपनी पत्नी की हत्या के उद्देश्य से उसका गला दबाने और ब्लेड से जानलेवा हमला करने का आरोप है। आरोपी 18 मार्च 2026 से अकोला कारागार में न्यायिक अभिरक्षा में बंद है।
सरकारी पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक अजित देशमुख ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए न्यायालय में लिखित जवाब और प्रभावी तर्क प्रस्तुत किए। अभियोजन के अनुसार, पीड़िता ने उपचार के दौरान पुलिस को दिए बयान में बताया कि विवाह के बाद उसे पति की शराब की लत और मारपीट का सामना करना पड़ता था। लगातार प्रताड़ना बढ़ने पर वह अपने मायके अकोट में आकर रहने लगी थी।
घटना वाले दिन पीड़िता घरेलू कार्य से जा रही थी। इसी दौरान आरोपी पहले से रास्ते में घात लगाकर बैठा था। उसने पत्नी पर अवैध संबंधों का आरोप लगाते हुए उसे दीवार से दबोच लिया, गला दबाया और शर्ट की जेब से ब्लेड निकालकर उसके गले पर वार कर दिया। पीड़िता ने साहस का परिचय देते हुए आरोपी को धक्का दिया और अपनी जान बचाकर वहां से भाग निकली। बाद में उसे उपचार के लिए पहले ग्रामीण अस्पताल और फिर शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय, अकोला में भर्ती कराया गया।
अभियोजन ने न्यायालय को बताया कि आरोपी ने पूछताछ के दौरान ब्लेड से हमला करने की बात स्वीकार की है तथा घटना में प्रयुक्त ब्लेड भी बरामद कर लिया गया है। साथ ही यह आशंका भी जताई गई कि जमानत मिलने पर आरोपी पीड़िता एवं अन्य गवाहों को धमका सकता है, उन्हें प्रभावित कर सकता है तथा न्यायिक प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न कर सकता है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने मामले की गंभीरता, उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों पर संभावित प्रभाव को देखते हुए आरोपी गजानन नागोराव सोनोने की जमानत याचिका खारिज कर दी।

