झाबुआ के श्री ऋषभदेव बावन जिनालय में 9 दिवसीय नवपद ओलीजी आराधना का शुभारंभ, 60 से अधिक श्रद्धालु कर रहे तपस्या | New India Times

रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

झाबुआ के श्री ऋषभदेव बावन जिनालय में 9 दिवसीय नवपद ओलीजी आराधना का शुभारंभ, 60 से अधिक श्रद्धालु कर रहे तपस्या | New India Times

श्री जैन श्वेतांबर श्रीसंघ द्वारा स्थानीय श्री ऋषभदेव बावन जिनालय आयंबिल खाता भवन में 9 दिवसीय चैत्र मास की शाश्वती श्री नवपद ओलीजी की आराधना 25 मार्च से प्रारंभ हुई, जो 2 अप्रैल तक चलेगी।

झाबुआ के श्री ऋषभदेव बावन जिनालय में 9 दिवसीय नवपद ओलीजी आराधना का शुभारंभ, 60 से अधिक श्रद्धालु कर रहे तपस्या | New India Times

इस आराधना में सकल श्रीसंघ के लगभग 60 से अधिक आराधक तपस्या कर रहे हैं। आराधना के प्रथम दिवस प्रवचन में साध्वीश्री ने अरिहंत पद की विस्तृत व्याख्या की।
जानकारी देते हुए श्रीसंघ के मीडिया प्रभारी रिंकू रूनवाल ने बताया कि यह आराधना नौ दिनों तक सतत चलेगी।

यह आराधना राष्ट्रसंत आचार्य श्रीमद् विजय जयंतसेन सूरीश्वरजी मसा के पट्टधर गच्छाधिपति आचार्य देवेश श्रीमद् विजय नित्यसेन सूरीश्वरजी मसा एवं आचार्य श्रीमद् विजय जयरत्न सूरीश्वरजी मसा की आज्ञानुवर्ती, पूज्य विदुषी साध्वी मयूरकला श्रीजी मसा की सुशिष्या साध्वी योगनिधि श्रीजी मसा आदि ठाणा-3 की पावन निश्रा में आरंभ हुई।

आराधना का लाभ मालव भूषण आचार्य भगवंत श्री नवरत्न सागर सूरीश्वरजी मसा के दिव्य आशीर्वाद से स्वर्गीय सुभद्रादेवी वीरेंद्रकुमार संघवी की स्मृति में शशांक एवं आरजू संघवी परिवार द्वारा लिया जा रहा है।

आराधना में छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। प्रथम दिवस के प्रवचन में पूज्य योगनिधि श्रीजी मसा ने अरिहंत पद की व्याख्या करते हुए बताया कि नवपद आराधना करने से श्रावक-श्राविकाओं को अनंत गुना फल प्राप्त होता है। यह आराधना भवसागर से पार कराने वाली एवं जीवन को सार्थक बनाने वाली महाआराधना है।
सभी तपस्वी पूरे मनोयोग से 9 दिनों तक यह आराधना कर धर्म लाभ प्राप्त करें।

साध्वीश्री द्वारा नौ दिनों तक प्रतिदिन अलग-अलग पदों की व्याख्या प्रवचनों में की जाएगी। 3 अप्रैल को श्रीसंघ एवं लाभार्थी परिवार द्वारा सभी आराधकों के पारणे एवं बहुमान का आयोजन किया जाएगा।

श्रीसंघ अध्यक्ष संजय मेहता ने बताया कि 25 मार्च, बुधवार को सप्तमी तिथि के अवसर पर विश्व पूज्य दादा गुरुदेव श्रीमद् विजय राजेंद्र सूरीश्वरजी मसा की पूजन का भी आयोजन किया गया, जिसका लाभ हस्तीमल संघवी परिवार द्वारा लिया गया।

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