जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र (फरवरी 2026) के दौरान गोवंशी पशुओं के मांस (बोवाइन मीट/गोमांस – ताजा एवं ठंडा) पर राज्य स्तर पर 0% SGST (राज्य वस्तु एवं सेवा कर) की छूट को लेकर सदन में बहस तेज हो गई।
उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कांग्रेस विधायकों के सवालों के जवाब में स्पष्ट किया कि यह कर छूट 18 सितंबर 2025 को जारी अधिसूचना के आधार पर लागू है। यह अधिसूचना 22 सितंबर 2025 से प्रभावी हुई।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय GST काउंसिल की सिफारिशों के अनुरूप है तथा केंद्र सरकार की अधिसूचना के आधार पर राज्य ने SGST दरों को समायोजित किया है।
मुख्य बिंदु
1. टैक्स की स्थिति:
HSN कोड 0201 के अंतर्गत आने वाले “Meat of bovine animals, fresh and chilled” पर 0% SGST (पूर्ण छूट) लागू है।
2. कानूनी स्थिति:
मध्यप्रदेश गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम, 2004 के तहत मध्य प्रदेश में गोवंश (गाय, बैल आदि) का वध, परिवहन, बिक्री या भंडारण पूर्णतः प्रतिबंधित एवं दंडनीय अपराध है।
3. विवाद का कारण:
कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह सहित अन्य सदस्यों ने सवाल उठाया कि वध प्रतिबंधित होने के बावजूद टैक्स छूट क्यों दी गई है और क्या इसे वापस लिया जाएगा?
इस पर वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि वध पर प्रतिबंध पूरी तरह लागू है और यह छूट केवल GST दर संरचना का हिस्सा है, न कि वध की अनुमति।
आतिफ अकील का अशासकीय संकल्प
भोपाल (उत्तर) से कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने बजट सत्र के दौरान एक अशासकीय संकल्प प्रस्तुत किया। उन्होंने मांग की कि गाय को भारत का राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए तथा गो-संरक्षण के लिए कड़े कानूनी प्रावधान किए जाएं। साथ ही गाय के चमड़े के व्यापार पर पूर्ण प्रतिबंध और सम्मानजनक अंतिम संस्कार की व्यवस्था की भी बात कही।
सरकार का पक्ष
सरकार का कहना है कि यह छूट केंद्र सरकार की GST नीति के अनुरूप है और प्रदेश में गोवंश वध पर प्रतिबंध पूरी तरह लागू है। व्यावहारिक रूप से प्रदेश में गोमांस की उपलब्धता अत्यंत सीमित है।
इस मुद्दे पर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

