मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

जुन्नारदेव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत एकलव्य आवासीय विद्यालय, तामिया में अध्ययनरत अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्र–छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान एवं शैक्षणिक भविष्य से जुड़े गंभीर मामलों को लेकर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने सख्त रुख अपनाया है।

दिनांक 23 दिसंबर 2025 को गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिला अध्यक्ष, छिंदवाड़ा के नेतृत्व में एक विस्तृत ज्ञापन सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग, छिंदवाड़ा को सौंपा गया। यह ज्ञापन आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग, मध्यप्रदेश शासन, भोपाल के नाम संबोधित किया गया है।

ज्ञापन में एकलव्य आवासीय विद्यालय, तामिया के प्राचार्य राजेश कुशवाहा एवं सहायक प्राचार्य विद्याशंकर तिवारी
के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
ज्ञापन में प्रमुख आरोप
1. छात्र–छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामले
विद्यालय से छात्रों के बिना सूचना गायब होने, छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार, अनुचित स्पर्श एवं शिकायतों को दबाने जैसे आरोप लगाए गए हैं, जो प्रथम दृष्टया POCSO अधिनियम एवं छात्र सुरक्षा नियमों का उल्लंघन प्रतीत होते हैं।
2. वित्तीय अनियमितता का संदेह
सीमित अवधि में अत्यधिक मूल्य की कार खरीदे जाने से आय से अधिक संपत्ति होने का गंभीर संदेह व्यक्त किया गया है।
3. सरकारी पद का दुरुपयोग
निजी वाहन पर “Ministry of Tribal Affairs” अंकित करना सेवा नियमों का उल्लंघन बताया गया है।
4. बिना टेंडर लाखों का भुगतान बिना निविदा प्रक्रिया के लगभग 15 लाख रुपये का भुगतान किए जाने का आरोप लगाया गया है, जो वित्तीय नियमों के विरुद्ध है।
5. शिकायतों को दबाने के आरोप
अभिभावकों, सामाजिक संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा की गई शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया है।
🔹 गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की मांग
पार्टी ने मांग की है कि—
• आरोपों की स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की जाए।
• जांच पूर्ण होने तक दोनों अधिकारियों को पद से पृथक किया जाए।
• छात्राओं की सुरक्षा हेतु तत्काल प्रभाव से उचित व्यवस्था की जाए।
• सभी वित्तीय मामलों का विशेष ऑडिट कराया जाए।
• आरोप सिद्ध होने पर कठोर विभागीय एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
🔹उपस्थित पदाधिकारी
ज्ञापन सौंपते समय—
• प्रवीण धुर्वे, जिला अध्यक्ष, युवा मोर्चा (गोंडवाना गणतंत्र पार्टी)
• तुलसी धुर्वे, जिला कोषाध्यक्ष
उपस्थित रहे।
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही का नहीं, बल्कि आदिवासी छात्र–छात्राओं की गरिमा, सुरक्षा और भविष्य से जुड़ा हुआ है। यदि शीघ्र एवं निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई तो पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होगी।

