नाबालिग के साथ दुष्कर्म: आरोपीगण को न्यायालय ने सुनाई आजीवन कारावास एवं अर्थदण्ड की सजा | New India Times

आसिम खान, ब्यूरो चीफ, छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

न्यायालय श्रीमती तृप्ति पाण्डे विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) छिन्दवाडा द्वारा थाना चौरई की ओर से प्रस्तुत नाबालिग पीडिता के साथ दुष्कर्म करने के मामले में आरोपीगण को आजीवन कारावास एवं 3300 रू के अर्थदंड से दंण्डित किया गया।

प्रकरण में नाबालिग पीड़िता जिसकी उम्र करीब 14 वर्ष 11 माह है। आरोपी सुमित की नाबालिग पीड़िता से जान पहचान होने के कारण मोबाईल में बातचीत एवं इस्टाग्राम में चेटिंग होती थी। दिनांक 24.07.2024 को शाम करीब 5:30 बजे नाबालिग पीड़िता अपनी सहेली के घर गई थी जहां पर उसकी अन्य सहेली मिली उसी समय आरोपी सुमित का मोबाईल में फोन आया था और पीड़िता को फोन पर बोला की कहीं घूमने चलते हैं इसे बाद आरोपी सुमित और उसका दोस्त हर्ष मोटर साईकिल से नाबालिग पीड़िता एवं उसकी सहेली को कपुरदा मंदिर घुमाने लेकर गए, रात अधिक हो जाने के कारण सुमित और हर्ष अपने दोस्त शुभम के घर नाबालिग़ पीड़िता को लेकर गए वहां पर सभी लोग रात में रूक गए फिर आरोपी सुमित ने आधी रात को नाबालिग पीड़िता के मना करने के बाद भी उसके साथ जबरदस्ती बलात्कार किया फिर सुबह 4 बजे करीब सुमित और हर्ष ने नाबालिग़ पीड़िता और उसकी सहेली को मोटरसाईकिल में बैठालकर चौरई आए और फिर हर्ष के कहने पर घूमने के लिए सिमरिया मंदिर गए फिर चौरई वापिस आए और नाबालिग पीड़िता और उसकी सहेली को नाबलिग पीड़िता की सहेली के घर के पास छोड़कर चले गए।

नाबालिग पीड़िता एवं उसकी सहेली को ढूंढते हुए उनके परिजन मिले जिन्हें घटना के बारे में बताकर थाना चौरई में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस द्वारा अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना उपरांत अभियोग पत्र विशेष न्यायालय (पाक्सो एक्ट) छिन्दवाडा में प्रस्तुत किया गया। विचारण के दौरान आये साक्ष्य तथा अभियोजन पक्ष तथा बचाव पक्ष के तर्कों को सुनने के उपरांत न्यायालय द्वारा आरोपी सुमित को भारतीय न्याय संहित की धारा 65(1) एवं लैगिंक अपराधो से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 3 सहपठित धारा -4(2) में 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं 400 रूपये अर्थदण्ड,धारा 3 (2) 5 एससी/एसटी में आजीवन कारावास एवं 500 रूपये अर्थदण्ड एवं धारा 3(1)w । एससी/एसटी एक्ट में 1 वर्ष का कठोर कारावास एवं 500 रू का अर्थदण्ड, धारा 137 (2) बीएनएस में 5 वर्ष का कठोर कारावास एवं अर्थदण्ड 500 रू एवं धारा 87 बीएनएस में 7 वर्ष का कठोर कारावास एवं 500 रूपये का अर्थदण्ड दिया गया।

आरोपी हर्ष को लैगिंक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधि0 2012 की धारा 16/17 सहपठित धारा (2) में 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं 400 रूपये अर्थदण्ड,धारा 137 (2) बीएनएस में 5 वर्ष का कठोर करावास एवं 100 रूपये तथा आरोपी शुभम कहार को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 16/17 सहपठित धारा (2) में 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं 400 रूपये अर्थदण्ड से दंडित किया गया। न्यायालय द्वारा नाबालिग पीडिता को गंभीर मानसिक शारीरिक पीडा को देखते हुए 200000 रु (दो लाख रू) की राशि प्रतिकर के रूप से दिए जाने हेतु सचिव जिल विधिक सेवा प्राधिकरण छिन्दवाडा को निर्देशित किया गया है।

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