साबिर खान, गुरुग्राम/नई दिल्ली, NIT:

राजधानी दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार धमाके ने पूरे सुरक्षा तंत्र को झकझोर कर रख दिया है। इस विस्फोट में 10 लोगों की मौत और कई घायल होने की खबर है। प्रारंभिक जांच से यह स्पष्ट हो गया है कि यह कोई सामान्य हादसा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित आतंकी साजिश थी।
दिल्ली पुलिस ने एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है, जिसके जम्मू-कश्मीर के आतंकी संगठन से संबंध होने की आशंका जताई जा रही है।
अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह इंटेलिजेंस फेलियर का नतीजा था? और क्या गुरुग्राम पुलिस की चूक ने केंद्रीय एजेंसियों को अंधेरे में रखा? इसको लेकर भीमसेना प्रमुख नवाब सतपाल तंवर ने बड़ा खुलासा किया है।
इंटेलिजेंस फेलियर: गुरुग्राम पुलिस पर सवालों की बौछार
सूत्रों के मुताबिक धमाके की साजिश करीब छह महीने पहले से रची जा रही थी। भीमसेना सुप्रीमो नवाब सतपाल तंवर ने दावा किया है कि गुरुग्राम पुलिस ने समय रहते केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को जानकारी नहीं दी, जिसके चलते संभावित खतरे की चेतावनी जारी नहीं हो सकी।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया,
“मई 2025 में तंवर को पाकिस्तान के नंबरों से धमकी भरे संदेश मिले थे। इस सूचना को केंद्रीय एजेंसियों तक पहुंचाने में देरी हुई, यह साफतौर पर इंटेलिजेंस फेलियर है।”
भीमसेना प्रमुख को पाकिस्तान से धमकी: अब साजिश का लिंक सामने

जांच में खुलासा हुआ है कि नवाब सतपाल तंवर को मई 2025 में पाकिस्तान से व्हाट्सएप पर धमकी दी गई थी।
संदेशों में उन्हें और भारत को गालियां दी गईं तथा जान से मारने की धमकी दी गई।

तंवर ने गुरुग्राम के सेक्टर-37 थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस की सुस्ती के कारण मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
तंवर ने कहा:-
“मुझे मई में ही पाकिस्तान से धमकी मिली थी। क्राइम ब्रांच की रिपोर्ट में साफ लिखा था कि यह अंतरराष्ट्रीय साजिश है, पर सेक्टर 37 पुलिस ने मामला दबा दिया। अगर कार्रवाई होती, तो दिल्ली धमाका टल सकता था।”
अब जांच एजेंसियां इस धमकी को दिल्ली धमाके से जोड़कर देख रही हैं, क्योंकि संदिग्ध के पास से पाकिस्तानी दस्तावेज बरामद हुए हैं।
क्राइम ब्रांच रिपोर्ट दबाने का आरोप: सेक्टर 37 थाने पर भ्रष्टाचार के साये
क्राइम ब्रांच ने मई में ही एक रिपोर्ट तैयार की थी जिसमें पाकिस्तानी हैंडलरों का नाम और दिल्ली-एनसीआर में हमले की चेतावनी दी गई थी। लेकिन सूत्रों के अनुसार, सेक्टर 37 थाने के कुछ अधिकारी गैंग के प्रभाव में आकर इस रिपोर्ट को दबा गए।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया:-
“रिपोर्ट उच्च अधिकारियों तक पहुंची थी, लेकिन लोकल थाने ने इसे नजरअंदाज कर दिया। अब साफ है कि इंटेलिजेंस शेयरिंग में बड़ी चूक हुई।”
इस लापरवाही को लेकर सेक्टर 37 थाने के प्रभारी पर विभागीय जांच की सिफारिश की गई है।
दिल्ली धमाका: एनसीआर में बढ़ते खतरे का संकेत
लाल किले के पास हुए IED धमाके ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने तुरंत कार्रवाई कर संदिग्ध को गिरफ्तार किया, जिसके पास से विस्फोटक सामग्री और पाकिस्तानी कनेक्शन वाले दस्तावेज मिले।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया:-
“यह धमाका भीमसेना प्रमुख को मिली धमकी से जुड़ा लगता है। पाकिस्तान समर्थित गैंग अब भारत के सामाजिक कार्यकर्ताओं और नेताओं को टारगेट कर रहे हैं।”
अब क्या होगा: गृह मंत्रालय सख्त, जांच के आदेश
गृह मंत्रालय ने गुरुग्राम पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के बीच समन्वय की तत्काल समीक्षा बैठक बुलाई है।
भीमसेना प्रमुख तंवर को हरियाणा पुलिस द्वारा पहले से सुरक्षा दी गई है, जबकि सेक्टर 37 थाने की जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि
“लोकल पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के बीच भरोसे की कमी को खत्म करना होगा, वरना ऐसी घटनाएं दोहराई जाती रहेंगी।”
निष्कर्ष: दिल्ली धमाका, सुरक्षा तंत्र की कमजोरी का आईना
दिल्ली धमाका सिर्फ एक आतंकी घटना नहीं, बल्कि भारत के सुरक्षा और इंटेलिजेंस सिस्टम की कमजोरियों का आईना है।
भीमसेना प्रमुख नवाब सतपाल तंवर ने गृह मंत्री अमित शाह से मांग की है कि उनकी धमकी संबंधी शिकायत को भी जांच का हिस्सा बनाया जाए।
अब यह देखना होगा कि क्या सरकार इस घटना से सबक लेती है या अगली चेतावनी भी अनसुनी रह जाएगी।
