नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

दिसंबर-जनवरी में महाराष्ट्र महानगर पालिका नगर परिषद नगर पंचायत जिला परिषद पंचायत समिति के आम चुनाव होंगे। महायुति सरकार ने किसानों की कर्ज माफी की मांग को 30 जून 2026 में पूरा करने की बात कही है इसे मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस का नया जुमला करार दिया जा रहा है। बिहार विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद देवेन्द्र फडणवीस की कुर्सी खतरे में पड़ सकती है।

बीजेपी किसी नए नेतृत्व को राज्य की कमान सौंपने की योजना पर सोचने जा रही है। जलगांव जिले के निकाय चुनावो में बीजेपी के गिरीश महाजन बनाम NCP(SP) शिवसेना (UBT) इस प्रकार से भिड़ंत होनी है। नतीजों के बाद NCP अजीत पवार का झुकाव NCP(SP) की ओर नजर आना लाज़मी है।
अपने साथी दलों के गठबंधन में शामिल हो कर दरार और विवाद पैदा करने के अलावा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का जलगांव जिले में कोई अस्तित्व नहीं है। राहुल गांधी की बढ़ती लोकप्रियता देख भौचक्के हुए विपक्षी दलों के कथित स्लीपर सेल जहां है वही ठहरने को मजबूर है। दूसरी ओर निकाय चुनावों में टिकट की लालसा से ग्रस्त निष्क्रिय चेहरे अचानक से कांग्रेस मे सक्रिय हो गए है।
2014 विधानसभा चुनाव में एक सीट ऐसी थी जहां बीजेपी के ख़िलाफ़ कांग्रेस को मात्र 2 हजार वोट थे। महाविकास आघाड़ी में शामिल बड़े दल NCP(SP) शिवसेना UBT निकाय चुनाव में स्वतंत्र लड़ने पर अच्छा प्रदर्शन कर सकते है। जलगांव महानगर पालिका मे शिवसेना UBT का मुकाबला बीजेपी से है।
जामनेर नगर परिषद में चुनाव के अंतिम चरण में मामला किसी एक पक्ष के पक्ष में एकतरफा रहेगा। शेंदुर्णी नगर पंचायत में बीजेपी के ख़िलाफ़ महाविकास आघाड़ी की ओर से लोक नियुक्त अध्यक्ष पद के लिए शिवसेना UBT का उम्मीदवार मैदान में उतारने की रणनीती है। आज अंतिम वोटर लिस्ट प्रकाशित हो चुकी है। महाविकास आघाड़ी को सत्ता , सरकारी मशीनरी के साथ साथ भितरघातियों से भी लड़ना पड़ेगा।

