आरजीपीवी के हास्टलों में पीने के पानी की समस्या से जूझ रहे छात्र,मटके के साथ कुल गुरु को ज्ञापन देने पहुंचे एनएसयूआई कार्यकर्ता | New India Times

अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:

राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) में लंबे समय से छात्रों को पीने के पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। विश्वविद्यालय प्रबंधन की उदासीनता और लापरवाही से परेशान होकर छात्र छात्राओं ने आज भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर के नेतृत्व में कुलगुरु कार्यालय में पहुँचकर खाली मटके के साथ विश्वविद्यालय के कुल गुरू को ज्ञापन सौंपा।

आरजीपीवी के हास्टलों में पीने के पानी की समस्या से जूझ रहे छात्र,मटके के साथ कुल गुरु को ज्ञापन देने पहुंचे एनएसयूआई कार्यकर्ता | New India Times


इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार प्रदेश महासचिव सैयद अल्तमस जिला उपाध्यक्ष अमित हाटिया योगेश सोनी अनिमेष गोंडली हर्ष पटेल, नितिन भदौरिया रोशन आर्य समीर शुक्ला अतुल राय सहित सैकड़ो छात्र उपस्थित थे।

जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा कि आरजीपीवी जैसे बड़े तकनीकी विश्वविद्यालय में छात्रों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध न होना बेहद शर्मनाक है। यहाँ पढ़ने आने वाले छात्र-छात्राएँ दूर-दराज़ इलाकों से आते हैं, लेकिन उन्हें सबसे मूलभूत सुविधा तक नहीं मिल रही है। यदि जल्द ही पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं की गई तो एनएसयूआई बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगी।
प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि
मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की बुनियादी समस्याओं की लगातार अनदेखी कर रहे हैं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि तकनीकी शिक्षा लेने वाले विद्यार्थियों को पानी जैसी मूलभूत जरूरत के लिए परेशान होना पड़ रहा है। एनएसयूआई छात्रों की आवाज को मजबूती से उठाएगी और जब तक समस्या का समाधान नहीं होता, हमारा संघर्ष जारी रहेगा।

आरजीपीवी के हास्टलों में पीने के पानी की समस्या से जूझ रहे छात्र,मटके के साथ कुल गुरु को ज्ञापन देने पहुंचे एनएसयूआई कार्यकर्ता | New India Times

प्रदेश महासचिव सैयद अल्तमस ने कहा कि
आरजीपीवी प्रशासन की लापरवाही अब बर्दाश्त के बाहर है। लाखों रुपये की फीस लेने वाले इस विश्वविद्यालय में यदि छात्र पानी जैसी सुविधा से भी वंचित रहें तो यह शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। एनएसयूआई हर छात्र के साथ खड़ी है और यदि तुरंत कदम नहीं उठाए गए तो हम विश्वविद्यालय में उग्र आंदोलन करेंगे।

एनएसयूआई की प्रमुख माँगें:

1. विश्वविद्यालय परिसर में पर्याप्त मात्रा में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाए।
2. सभी विभागों एवं छात्रावासों में वाटर कूलर और फिल्टर की मरम्मत एवं नई मशीनें लगाई जाएँ।
3. छात्रों की मूलभूत सुविधाओं की नियमित निगरानी के लिए विशेष समिति का गठन किया जाए।

जिला उपाध्यक्ष अमित हाटिया ने स्पष्ट कहा कि छात्रों की समस्याओं की अनदेखी अब और बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि विश्वविद्यालय प्रबंधन ने जल्द समाधान नहीं किया तो एनएसयूआई चरणबद्ध और उग्र आंदोलन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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