तारिक खान, रायसेन ( मप्र ), NIT:
वार्डों सहित पूरे नगर में आवारा कुत्तों ने आतंक मचा रखा है। सड़क पर निकलना अब लोगों के लिए खतरे से खाली नहीं रहा। रोज़ाना कहीं न कहीं बच्चों पर झपटते, महिलाओं और राहगीरों को दौड़ाते ये कुत्ते लोगों की जान के लिए मुसीबत बने हुए हैं।
गंभीर बात यह है कि नगर पालिका प्रशासन पूरी तरह लापरवाह बना हुआ है। शिकायतों और विरोध के बाद भी न तो पकड़ने की कोई कार्रवाई हो रही है और न ही बंध्याकरण की व्यवस्था। हालात यह हैं कि नागरिक घर से बाहर निकलते वक्त सहमे रहते हैं और बच्चों को अकेला बाहर भेजने से डरते हैं।
नगरवासियों का कहना है कि प्रशासन की इस चुप्पी से साफ है कि जनता की सुरक्षा उनके लिए कोई मायने नहीं रखती। सवाल यह उठता है कि क्या नगर पालिका किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रही है? आखिर कब तक रायसेन की जनता आवारा कुत्तों के आतंक से यूं ही परेशान होती रहेगी?

