त्रिवेंद्र जाट, देवरी/सागर (मप्र), NIT:
सरका एक ओर शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए अनेकों प्रयास कर रही है तो वहीं कुछ कर्मचारी सरकार की मंशा पर पानी फेरते नज़रआ रहे हैं। सरकार द्वारा दी जाने बाली सुविधाओं में भोजन सबसे महत्वपूर्ण है। मध्यान भोजन जिसे स्थानीय समूहों के माध्यम से बटवाने का कार्य किया जाता है। मध्यान भोजन बाटने बाले समूह भी अपनी मनमर्जी से काम करते है सोमवार को सोशल मिडिया पर एक वीडियो बायरल हुआ था यह वीडिओ देवरी विकास खंड के साशकीय प्राथमिक शाला मछरिया का बताया जा रहा है वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है की सोमवार को स्कूल आने बाले बच्चों को मध्यान भोजन नही मिला और बच्चे भूखे बैठे भोजन की बाट देख रहे थे। जबकि सरकारी नियमानुसार मध्यान भोजन दोपहर दो बजे तक बट जाना चाहिए। वही स्कूल में पदस्थ शिक्षक विजय मेहरा पन्नी में से कुछ खाने को दे रहे थे। साशकीय प्राथमिक शाला मछरिया में जलधारा स्वासहयता समूह के द्वारा मध्यान भोजन बाटने का कार्य किया जाता है जिसकी अध्यक्ष मंजुलता तिवारी एबं सचिव कमला ठाकुर है।
शाला में पदस्थ विजय मेहरा से जब सम्पर्क किया गया तो उन्होंने बताया की हमारे स्कूल में जलधारा समहू के द्वारा मध्यान भोजन बाटने का कार्य किया जाता है सोमवार को स्कूल में उपस्थिति कम थी। समूह के अध्यक्ष हमारे पास आये और कहने लगे की आज कम बच्चे आये है इसलिए हम मध्यान भोजन नही बनवा रहे है तो मैने कहा की जितने बच्चे आये है उनको तो खाना बाटना पड़ेगा जब जलधारा समहू ने खाना नही बाटा तो मैने स्वं बाजार से नास्ता बुला कर बच्चों को खिलाया जिसका हमारे ग्राम के ही एक साथी ने वीडियो बना कर फेसबुक पर बायरल कर दिया जैसे ही वायरल वीडियो की जानकारी बी आर सी हरिकृष्ण चौवे को लगी तो उन्होंने ने समहू के संचालक को मध्यान भोजन बाटने के निर्देश दिए तब कही जाकर जलधारा समूह ने दोपहर तीन बजे मध्यान भोजन बाटा। वही ग्रामीणों ने जलधारा स्वा साहयता समूह को हटाये जाने की मांग की है।
जब इस सम्बन्ध में बी आर सी हरिकृष्ण चौवे से बात की तो उन्होंने बताया की मुझे पी एस मछरिया में मध्यान भोजन न बटने की जानकारी प्राप्त हुई थी जिस पर तत्काल समूह संचालक को मध्यान भोजन बाटने के निर्देश दिए थे। समूह संचालक के द्वारा थोड़ा लेट भोजन बाटा गया है अगर आगे से समहू संचालक इस तरह की लापरवाही करेंगे तो समूह को हटाने की कार्यवाही की जाएगी।
