गुलशन परूथी, ग्वालियर (मप्र), NIT:

ब्रह्माकुमारी आश्रम, मालनपुर में रक्षाबंधन के पावन पर्व पर एक भव्य और भावनात्मक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु भाई-बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की विशेषता रही रक्षाबंधन के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालना और आत्मिक चेतना को जाग्रत करना।

संचालिका ब्रह्माकुमारी ज्योति बहन ने रक्षाबंधन के वास्तविक अर्थ को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह पर्व मात्र भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण मानवता के लिए एक संदेश है-जीवनभर एक-दूसरे की रक्षा, स्नेह, सम्मान और सहयोग का। उन्होंने बताया कि “वास्तविक सुरक्षा तो केवल परमपिता परमात्मा ही दे सकते हैं, जो हर परिस्थिति में मार्गदर्शक और रक्षक बनकर हमारे साथ होते हैं। जब हम ईश्वर को स्मृति में रखते हैं, तब ही हमें स्थायी समाधान और आंतरिक शक्ति प्राप्त होती है।”

कार्यक्रम में विशेष रूप से ब्रह्माकुमारी संस्थान के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय माउंट आबू से पधारे मधुसूदन भाई उपस्थित रहे। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को माउंट आबू आने का निमंत्रण दिया और पर्व की शुभकामनाएँ दीं। संस्थान के प्रमुख सेवाधारी-ब्रह्माकुमार नरेश, महेश, सृष्टि, पूजा, खुशबू, लता, जानकी, कमला आदि ने आयोजन की व्यवस्थाओं में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम की एक विशेष झलक तब देखने को मिली जब नन्हे-मुन्ने बच्चों ने रक्षाबंधन के मधुर गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। उनके भावों और प्रदर्शन ने सभी उपस्थितजनों को भाव-विभोर कर दिया। श्रद्धालुओं ने इस आध्यात्मिक उत्सव में भाग लेकर न केवल भाई-बहन के पवित्र प्रेम को महसूस किया, बल्कि परमात्मा से आत्मिक संबंध को भी दृढ़ किया। कार्यक्रम का समापन प्रसाद वितरण और सभी को शुभकामनाओं के साथ हुआ।

