झिन्ना में जलप्रलय: बच्ची की मौत, लाखों का नुकसान, पानी निकासी रोकने पर राजेंद्र चतुर्वेदी पर आरोप | New India Times

मोहम्मद इसहाक मदनी, ब्यूरो चीफ, मैहर (मप्र), NIT:

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मैहर जिले के अमरपाटन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मुकुन्दपुर समीपस्थ ग्राम पंचायत झिन्ना सरपंच कोमल चौरसिया के द्वारा विगत दिनांक 2 जून 2025 को नायब तहसीलदार ताला को पत्र लेखकर अवगत कराया गया था कि राजेंद्र चतुर्वेदी, उदयभान द्विवेदी के द्वारा गांव से होकर बरसात के पानी निकासी मार्ग को 2 डम्फर मिट्टी डलवाकर अवरुद्ध कर दिया गया है।

यह मार्ग शासकीय आराजी नंबर 778+780 पर उक्त दोनों लोग अतिक्रमण कर लिए हैं साथ ही इसी आराजी के शेष भाग पर जहां से बरसात का पानी निकलता था उसी जगह को मिट्टी डलवाकर कर अवरूद्ध कर दिया गया है जिससे निकट भविष्य आनेवाले बरसात में गांव के रहवासियों को बहुत नुक्सान उठाना पड़ेगा। इस बात से नायब तहसीलदार ताला को अवगत कराया गया था। किन्तु नायब तहसीलदार ताला के द्वारा समय रहते संज्ञान नहीं लिया गया जिस कारण बीते दिवस 11 जुलाई 25 को तेज वर्षा होने के कारण समूचे गांव के रहवासियों के घरों में पानी का जल भराव होने के कारण एक बच्ची की मौत हो गई और एक बच्ची आज भी जिन्दगी और मौत से संजय गांधी अस्पताल में जूझ रही हैं।

तो वहीं दूसरी ओर कितनों रहवासियों के घर के खाद्यान्न समग्री नष्ट हो गई। जिससे संकट की घड़ी उत्पन्न हो गई है।इस बात का जब पता राजेन्द्र चतुर्वेदी को चला तो अपने बचाव के लिए नाली निर्माण पानी निकासी हेतु प्रदर्शन करने लगा कि सरपंच नाली निर्माण कराये जबकि श्री चतुर्वेदी खुद पानीं निकासी को अवरूद्ध कर वातावरण प्रदूषित कर दिया है। और अपने बचाव हेतु हर तरह के हथकंडे अपना रहा है ऐसा रहवासियों के द्वारा बताया जा रहा है। रहवासियों का कहना है कि यदि समय रहते नायब तहसीलदार ताला ने संज्ञान लिए होते तो यह दिन देखने को न मिलता। और आज भी पानी निकासी अवरूद्ध है।और अभी तो समूचा बरसात पड़ा हुआ है। रहवासियों ने शासन प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए उक्त अतिक्रमण कारी के ऊपर कानूनी शिकंजा लगाते हुए गांव का पानी निकासी कराये जाने की आवाज लगाये हैं।

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