जेल में दिखा श्रद्धा का नया रूप, बंदियों ने निकाली कावड़ यात्रा | New India Times

मुबारक अली, ब्यूरो चीफ, शाहजहांपुर (यूपी), NIT:

जेल में दिखा श्रद्धा का नया रूप, बंदियों ने निकाली कावड़ यात्रा | New India Times

पवित्र श्रावण मास जिला कारागार में भी पूरे जोश एवं धूमधाम से मनाया जा रहा है। 220 पुरुष बंदी एवं 21 महिला बंदी उपवास रखकर श्रावण मास में पूजा अर्चना कर रही हैं एवं भगवान शंकर को जलाभिषेक कर विधि विधान से उनका पूजन अर्चन कर रही हैं।

बंदियों की भक्ति एवं जोश को देखते हुए वरिष्ठ जेल अधीक्षक मिजाजीलाल के द्वारा भी सारे इंतजाम किए गए हैं। कावड़ यात्रा के लिए कारागार में ही बंदियों के द्वारा काबड़ें तैयार की गईं जिसके लिए आवश्यक सामग्री जन सहयोग से बंदियों को उपलब्ध कराई गई जिससे बंदियों के द्वारा सुंदर-सुंदर काबड़ें तैयार की गईं।

श्रावण मास के द्वितीय सोमवार को विशेष तैयारी की गई। कारागार में निरुद्ध सभी बंदी कई दिनों से आज के लिए तैयारी कर रहे थे आज प्रातः काल से ही बंधिया का उत्साह देखने लायक था कवाडे तैयार हो चुकी थी पांचाल घाट फर्रुखाबाद से गंगाजल की व्यवस्था की जा चुकी थी बेलपत्र धतूरे शमी पुष्प मालाएं तथा अन्य पूजन सामग्री की व्यवस्था खेल प्रशासन के द्वारा की गई थी कारागार में निरुद्ध बंदी प्रातः काल से ही शिव पार्वती के रूप में श्रृंगार कर रहे थे उनके ड्रेस आदि की व्यवस्था पहले ही कर दी गई थी।

जेल के सभी अधिकारी वरिष्ठ जेल अधीक्षक मिजाजीलाल के नेतृत्व में उपस्थित थे सभी बंदी कावड़ भगवान शंकर के झंडे एवं राष्ट्रीय तिरंगे को लेकर गंगाजल के कलश एवं पूजन सामग्री के साथ तैयार थे जेल अधीक्षक के द्वारा शिव पार्वती के रूप में बने बंदियों एवं कावड़िया बने बंदियों को माल्यार्पण किया गया। उसके बाद संपूर्ण कारागार में प्रत्येक अहाते और बैरक में कावड़ यात्रा निकाली गई विभिन्न अहातों में मंदिरों में पूजा अर्चन न करते हुए अन्त में बैरक नंबर 11 मैं बने शिव मंदिर में वरिष्ठ जेल अधीक्षक मिजाजी लाल के द्वारा जलाभिषेक एवं भगवान शंकर का पूजन अर्चन किया और सभी बंदियों और   स्टाफ के अच्छे भविष्य एवं स्वास्थ्य के लिए कामना की। सभी बंदियों के द्वारा जलाभिषेक कर पूजन अर्चन किया।

महिला बंदियों ने भी अपनी बैरक में अलग-अलग कावड़ यात्रा निकाली और भगवान शंकर के भजन गाते हुए उनको पवित्र गंगाजल से अभिषेक किया और पूजा नार्कन कर अपने एवं अपने परिवार के लिए दुआ मांगी। इस अवसर पर यह उल्लेखनीय है कि ब्रिटिश नागरिक महिला ने भी कावड़ यात्रा में शामिल होकर एवं जलाभिषेक कर भगवान शंकर से अपनी बेहतरी के लिए मन्नत मांगी। अपने पति की हत्या में निरुद्ध महिला बंदी गायत्री ने भी कावड़ यात्रा में भाग लिया और भगवान शंकर का जलाभिषेक कर पूजन अर्चन किया।

ज्ञातव्य है कि महिला बंदी गायत्री ने अपनी मानसिक स्थिति खराब होने की वजह से अपने पति का सिर कुचलकर हत्या कर दी थी इस महिला बंदी का जेल प्रशासन के द्वारा मानसिक चिकित्सालय वाराणसी में उपचार कराया गया और आज यह महिला अपना सामान्य जीवन व्यतीत कर रही है और जेल में सभी महिला बंदी एवं उनके साथ रह रहे बच्चों के बीच में शांति से रह रही है।

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