शिक्षक भगवानदास सोनी के विदाई समारोह में उमड़ा जनसैलाब, भावुक माहौल में दी विदाई | New India Times

मोहम्मद इसहाक मदनी, ब्यूरो चीफ, मैहर (मप्र), NIT:

शिक्षक भगवानदास सोनी के विदाई समारोह में उमड़ा जनसैलाब, भावुक माहौल में दी विदाई | New India Times

मैहर जिले के अमरपाटन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत बालक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मुकुन्दपुर संकुल अंतर्गत प्राथमिक पाठशाला के प्रभारी प्रधानाध्यापक का विदाई समारोह गरिमामय समारोह शासकीय प्राथमिक पाठशाला धोबहट में सम्पन्न हुई। जिसमें मुख्य अतिथि  भगवान दास सोनी और मंच का संचालन सेवानिवृत्त शिक्षक दिनेश सिंह बघेल कस्तरा और कार्यक्रम के अध्यक्ष बालक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (संकुल) केन्द्र मुकुन्दपुर राजेन्द्र सिंह,और सुरेंद्र कुमार मिश्रा सेवानिवृत्त वन परिक्षेत्र अधिकारी निवासी धोबहट और शासकीय हाई स्कूल धोबहट के प्रभारी प्राचार्य रामनिवास कुशवाहा

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शिक्षक अब्दुल अजीज शिक्षक शंकर सिंह, शिक्षक प्रभाकर पाण्डेय, शिक्षक समर बहादुर सिंह चंदेल, शिक्षक हरी सिंह चंदेल, संकुल केन्द्र के मुख्य लिपिक अरुण सिंह, शिक्षक गोबिंद रावत, शिक्षक अंगिरा प्रसाद पाण्डेय परसिया, सेवानिवृत्त शिक्षक अरुणेंद्र सिंह बघेल कस्तरा, समाजसेवक साधूलाल विश्वकर्मा धोबहट, पूर्व सरपंच रामगोपाल यादव धोबहट श्री सोनी का लम्बे समय तक माल्यार्पण और पुष्प वर्षा और शाल श्रीफल और अन्य उपहारों से स्वागत किया गया।ऐसी विदाई समारोह क्षेत्र में पहली बार हुई है और विदाई हुए प्रभारी प्रधानाध्यापक भगवान दास सोनी का समस्त परिवार एवं संकुल केन्द्र अंतर्गत समस्त विद्यालयों के शिक्षक परिवार और क्षेत्रीय जन मानस भारी संख्या में उपस्थित रहे।

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कार्यक्रम में श्री सोनी की विद्यालय में कमी महसूस करते हुए श्री सोनी का कार्यकाल बहुत अच्छा व्यक्त किया गया। पढ़ाई का स्तर की तारीफ की गई। साथ ही यह भी व्यक्त किया गया गया की शासन की ग़लत नीतियों के कारण श्री सोनी के विद्यालय में छात्रों की कमी हुई है पहले इस विद्यालय में 130 के लगभग छात्र थे जो अब घटकर 60के लगभग हो गये हैं। शिक्षा का स्तर और छात्रों की कमी स्तर को उठाने को लेकर शिक्षक प्रभाकर पाण्डेय के द्वारा अभिभावकों को भी उत्साहित के साथ प्रेरित किया गया।और यह भी कहा गया कि शासकीय शिक्षक पढ़ाई कैसे-कैसे की जाये किस तरह से बच्चों का भविष्य उज्जवल हो यह ध्यान रख रहें हैं।शासन स्तर से शासकीय शिक्षकों को समय-समय पर गाइडलाइन दिलवाती रहती है। उच्च शिक्षा प्राप्त कर शिक्षक हुए हैं निजी स्कूलों के अपेक्षा शासकीय शिक्षक बेहतर होते हैं।

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