कलेक्टर की अध्यक्षता में की गई समय सीमा पत्रों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक, मुख्यमंत्री निकाह योजना की राशि पात्रों को ना देने का लग रहा है आरोप | New India Times

जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

कलेक्टर की अध्यक्षता में की गई समय सीमा पत्रों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक, मुख्यमंत्री निकाह योजना की राशि पात्रों को ना देने का लग रहा है आरोप | New India Times

कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को समय-सीमा पत्रों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। नगर निगम भोपाल के आवेदन बार-बार आते हैं कोई निराकरण सामने नहीं आता इस पर अधिकारी ध्यान नहीं देते सीएम हेल्पलाइन से भी कोई निराकरण पर्याप्त नहीं बैठक में एडीएम सिद्धार्थ जैन, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती इला तिवारी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का विभागवार गहन विश्लेषण कर उनके शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों की समस्याओं के समाधान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही आगामी मार्च से प्रारंभ होने वाले जल गंगा संवर्धन अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित विभागों को अभी से योजना बनाकर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने जल संरक्षण को जन-भागीदारी से जोड़ने पर बल दिया। नगर निगम के द्वारा गरीब दुकानदारों के समान अतिक्रमण के नाम पर जप्त कर लिए जाते हैं उन्हें कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं दी जाती और जुर्माना लगाकर धमकियां दी जाती है अधिकारियों के नाम पर कर्मचारी भी वसूली करते नजर आते हैं।भोपाल को शहर में पार्किंग व्यवस्था तथा हाथ ठेलों के लिए सुव्यवस्थित योजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने शहर में भिक्षावृत्ति पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियानों की समीक्षा करते हुए ऐसे मामलों में कार्यवाही की बात तो की है लेकिन गरीब गुरबा भिखारी जो जिनकी दो वक्त की रोटी का इंतजाम नहीं है उनकी भी सूद्ध लेने वाला कोई नहीं है। यहां ऐसे भिखारी जो नौकरी निकल नहीं सकते जो काम कर नहीं सकते इन पर मानव अधिकार आयोग को संज्ञान लेना चाहिए समाजसेवी जमशेद आलम सरकार से मांग की है कि भिखारी के मामले में पुनः विचार किया जाए उन्हें दो वक्त की रोटी नसीब हो सके उनका डाटा तैयार किया जाए।

नगर निगम कर रहा है लापरवाही

लोगों के आवेदन हर हफ्ते बार-बार आते हैं, कलेक्टर  की अध्यक्षता में साप्ताहिक बैठक टाइम लिमिट के निराकरण के जवाब नहीं देता नगर निगम भोपाल। पिछले महीने हुए मुख्यमंत्री निकाह सम्मेलन की राशि रमजान बीत जाने के बाद भी मुस्लिम कन्याओं के खाते में नहीं डाली गई जिसको लेकर विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी जा रही है।

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