जीत का दूसरा नाम "सिकंदर": केसरी की कुश्ती देखने के लिए उमड़ा हजारों का हूजूम | New India Times

नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

जीत का दूसरा नाम "सिकंदर": केसरी की कुश्ती देखने के लिए उमड़ा हजारों का हूजूम | New India Times

बीजेपी प्रायोजित नमो कुश्ती महाकुंभ 2 देवाभाऊ केसरी इंटरनेशनल कुश्ती प्रतियोगिता में पहलवान सिकंदर शेख ने शेर मतलब केसरी बनकर अपना रूबाब बरकरार रखा है। मंत्री गिरीश महाजन द्वारा आयोजित कुश्ती दंगल में केवल “सिकंदर शेख” का खेल देखने के लिए विदर्भ मराठवाड़ा पश्चिम महाराष्ट्र के दूरदराज गांव कस्बों से नामचीन पहलवान बड़े बुज़ुर्ग जामनेर पधारे थे।मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने खिलाड़ियों का गठबंधन करवाया उसके बाद 60×60 के अखाड़े में कुश्तियां शुरू कराई गई। देवेन्द्र फडणवीस ने अपने भाषण में गिरीश महाजन को उनके छात्र दशा में रेसलर्स होने के सम्मान से नवाज़ दिया।

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फडणवीस ने इसी तुकबंदी को राजनीति से जोड़कर चुनावी मैदान में महाजन को अजीत करार दिया। गोविंद महाराज देवस्थान के खुले मैदान को स्टेडियम जैसा सजा देख मौजूद लोगों को लगा होगा कि इसी मैदान पर पक्का खेल स्टेडियम बना देने में क्या हर्ज है। जम्मू कश्मीर के बिनीया मिल और माल्दोवा के घेघेए को धूल चटाने वाले सिकंदर को देवाभाऊ केसरी घोषित किया गया। सिकंदर का खेल देखने के लिए रात 12 बजे तक हजारो फैंस आर्टिफीशियल स्टेडियम में डटे रहे। महिला रेसलर्स में कोल्हापुर की अमृता पुजारी ने रुमानिया को हराया। प्रतियोगिता में देश विदेश के कुल 150 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। मजे की बात यह है कि एक भी विदेशी रेसलर भारतीय खिलाड़ी के खिलाफ़ कुश्ती जीत नहीं पाया।

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