वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

जिले में ओवरहाइट, ओवरवेट गन्ना परिवहन पर शिकंजा कसने को प्रशासन ने कमर कस ली। गन्ना परिवहन में ओवर हाइट, ओवरवेट पर पूर्णतया अंकुश लगाने के उद्देश्य से डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल और एसपी संकल्प शर्मा ने कलेक्ट्रेट में संबंधित जिम्मेदार अफसरों संग जरूरी बैठक कर रणनीति तय की और कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम-एसपी ने चीनी मिलवार कुल 09 टीमें गठित की, जो चीनी मिलों के गेट पर तैनात रहकर ओवरहाइट और ओवरवेट ट्रकों की जांच करेगी, दोषी पाए जाने पर संबंधित वाहनों को सीज करने और जुर्माना लगाने की कार्यवाही करेगी। इन टीमों में परिवहन, पुलिस और गन्ना महकमें के जिम्मेदार अफसर शामिल रहेंगे। बैठक में तय हुआ कि प्रत्येक चीनी मिल को अपने और ट्रांसपोर्टर की ओर से यह अंडरटेकिंग देनी होगी कि ओवरहाइट और ओवरलोड गन्ना पकड़े जाने पर चीनी मिल के अध्याशी ज़िम्मेदार होंगे, जिस पर विधिक कार्यवाही की जाए।
जिले में कैंपकर गठित टीमों संग कड़ी कार्यवाही करें सहायक चीनी आयुक्त: डीएम
डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने डीसीओ वेद प्रकाश सिंह को किसी भी सूरत में गन्ना वाहनों में ओवरलोडिग न होने और सभी गन्ना क्रय केंद्रों पर गन्ना ढोने वाले वाहनों पर पीछे रिफ्लेक्टर लगाने के निर्देश दिए। डीएम ने निर्देश दिए कि सहायक चीनी आयुक्त जिले में कैंप करेंगे और भ्रमणशील रहकर जिले में सभी गठित टीमों संग दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करते हुए ओवरहाइट, ओवरलोडिंग करने वालों पर लगाम व रिफ्लेक्टर लगाएंगे। बैठक में मुख्य रूप से एआरटीओ (प्रवर्तन और प्रशासन) अखिलेश कुमार द्विवेदी, जिला गन्ना अधिकारी वेद प्रकाश सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकार ट्रैफिक रमेश कुमार तिवारी मौजूद रहे।
नो हेलमेट, नो पेट्रोल की व्यवस्था 26 से पूरे जिले में होगी लागू
बिना रिफ्लेक्टर चार पहिया वाहनों को भी नहीं मिलेगा ईंधन, व्यवस्था पूरे जिले में लागू
सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खीरी जिले में 26 जनवरी से नो हेलमेट, नो पेट्रोल की व्यवस्था लागू हो जाएगी। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने व्यवस्था को धरातल पर लागू करने के लिए संबंधित अधिकारियों को जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। वही बिना रिफ्लेक्टर लगे चार पहिया वाहनो को भी डीजल-पेट्रोल नहीं मिलेगा। पंप स्वामी अपने पंप पर रिफ्लेक्टर की व्यवस्था और उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए निर्देशों का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराए।

