अतीश दीपंकर, ब्यूरो चीफ, पटना (बिहार), NIT:

भागलपुर के सबौर स्थित बिहार कृषि विश्वविद्यालय बीएयू में बिहार में सतत खेती के लिए डिजिटल कृषि को आगे बढ़ाने पर कार्यशाला आयोजित की जा रही है। कार्यशाला का उद्देश्य क्षेत्र में कृषि पद्धतियों में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए अत्याधुनिक डिजिटल तकनीकों को पेश करना और बढ़ावा देना है।
कार्यशाला में बांका, बेगूसराय, भागलपुर, जमुई, कटिहार, खगड़िया, लक्षीसराय, मधेपुरा, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, सहरसा और शेखपुरा सहित कई जिलों के राज्य कृषि विभाग के प्रसार पदाधिकारी एक साथ आए। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), ड्रोन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और अन्य उन्नत डिजिटल उपकरणों की क्षमता का पता लगाने के लिए उत्सुक प्रतिभागी बेहतर उत्पादकता और स्थिरता के लिए कृषि को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से चर्चा में शामिल हो रहे हैं। पहले दिन, आईआईआईटी भागलपुर के डॉ. संदीप राज, बीएसी, सबौर के डॉ. आदित्य सिन्हा और बीएसी, सबौर के डॉ. राघवन एस जैसे विशेषज्ञों ने फसल रोग प्रबंधन के लिए एआई अनुप्रयोगों, आईसीटी-संचालित आपूर्ति श्रृंखला अनुकूलन और स्मार्ट कृषि में ड्रोन की भूमिका पर सत्रों का नेतृत्व किया। इसके अतिरिक्त, आईआईटी खड़गपुर के पूर्व छात्र निशांत साह ने कृषि स्टार्टअप के भीतर तकनीकी नवाचारों पर अंतर्दृष्टि साझा की।
कार्यशाला के दूसरे दिन पशुपालन और डेयरी फार्मिंग के लिए आईसीटी-आधारित प्रणालियों के साथ-साथ स्मार्ट खेती के लिए IoT, बिग डेटा औरAI ,ML के एकीकरण पर चर्चा होगी।
बिहार कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डी. आर सिंह का मानना है कि, तकनिकी प्रद्यत नवाचारों जैसे IT/ AI तथा ड्रोन इत्यादि का कृषि में उपयोग कर किसान फसल उत्पादिकता में सुधार एवं लागत में कमी ला सकता है ।
बिहार कृषि महाविद्यालय, सबौर में प्रसार शिक्षा के सहायक प्रोफेसर डॉ. आदित्य सिन्हा का कहना है कि, दूसरी हरित क्रांति प्राद्योगिकी के उपयोग से निहित है।
कार्यक्रम का उद्घघाटन बीएयू के प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. आर.के. सोहाने, बीएयू, सबौर के प्रसार शिक्षा के सह निदेशक डॉ. आर.एन. सिंह और बीएयू के उप निदेशक प्रशिक्षण, डॉ. अभय मानकर, बीएयू, सबौर के पीआरओ डॉ. राजेश कुमार ने किया।

