नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

जलगांव एक ऐसा जिला जहां 2014 के बाद से अब तक दस साल में मंत्री गिरीश महाजन और गुलाबराव पाटिल एक भी बड़ा सार्वजनिक प्रोजेक्ट खड़ा नहीं कर सके हैं। रावेर सीट से सांसद केंद्र में राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने जलगांव शहर हवाई यातायात व्यवस्था के बुनियादी विकास को लेकर केंद्र सरकार से गुहार लगाई है। नगर विकास विभाग मंत्री राम मोहन नायडू से मिलकर खडसे ने मांग की है कि जलगांव हवाई अड्डे के रन वे का विस्तार करवाया जाए। टर्मिनल की कमी से जूझ रहे यात्रियों को भारत के अधिकतम कैपिटल सिटीज से जोड़ने पर बैठक में जोर दिया गया। वर्तमान समय में जलगांव-पुणे हवाई यात्रा सेवा शुरू है जिसकी आवाजाही को बढ़ाने की आवश्यकता है। पुणे जाने के लिए सड़क मार्ग के अलावा दूसरा विकल्प रेल मार्ग है जो ट्रेनों की कम संख्या के कारण नाकाफी और लंबी दूरी से परेशानी साबित हो रहा है। हवाई अड्डे का बुनियादी विकास वक्त का तकाजा है। विदित हो कि जलगांव का यह एयर पोर्ट नागरी विमानन सेवा श्रेणी के साथ साथ प्रशिक्षु केंद्र भी है। रक्षा खडसे ने कृषि एवं उपज प्रक्रिया निर्यात प्राधिकरण के अधिकारियों से मिलकर केला बागवानी संबंधी अंतरराष्ट्रीय अवसरो के बारे मे संभावनाओ को परखा ! अगर रक्षा खडसे इस प्रयास मे सफ़ल हो गई तो केला फ़सल को वैश्विक मार्केट और केला उत्पादक किसानो को उनकी मेहनत का उचित दाम मिलेगा! आम जनता केंद्रीय मंत्री रक्षा खडसे से उम्मीद लगाए है। जिले में कॉटन टेक्सटाइल पार्क और बनाना प्रोसेसिंग यूनिट शुरू करने की जरूरत है। ज्ञात हो कि नागपुर मे शुरू विधानसभा के शीत सत्र मे रक्षा खडसे के ससुर विधायक एकनाथ खडसे ने सरकार मे मंत्री गिरीश महाजन को कपास के गिरते दामो और जलगांव जिले की अविकसितता पर सवाल पूछा तो महाजन ने एकनाथ खडसे पर व्यक्तिगत रूप से हमले कर विषय को भटका दिया ! 2012 मे महाजन की ओर से किया गया कपास का आन्दोलन आज भी बीजेपी के लिए किरकिरी बना हुआ है।

