नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

कल शुक्रवार रात दस बजे पुराने जामनेर के एक हिस्से में दो लोगों के बीच चाकूबाज़ी की घटना घटने की चर्चा सार्वजनिक हुई है। वारदात स्थल की ओर पुलिस की गाड़ी दौड़ी उसके विपरीत दिशा में यू शेप बनाकर सौ डेढ़ सौ बाइकर्स ने रैली की शक्ल में एकजुट होकर घायल को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल लाया फ़िर हमेशा की तरह तमाशबीन भीड़ ने पुलिस स्टेशन को घेर लिया और अपने गिरोह की एकता का प्रदर्शन करने लगे। पुलिस भीड़ को हटाती रही और भीड़ इधर उधर हो कर एक जगह ठहरती रही। सत्ता और राजनीत के सामने पुलिस की कृति पंगुता समय समय पर साफ़ नज़र आती रही है। पिछले पंद्रह बीस सालों से जामनेर तहसील क्षेत्र में यही सब चलता आ रहा है। इस ट्रेंड की जड़ “आश्रित कार्यकर्ता – सशक्त नेता” इस नीति में छुपी है। 5 दिसंबर को दिल्ली विधानसभा में अरविंद केजरीवाल की ओर से दिए गए भाषण को अवश्य सुनिए। इस भाषण में रेखांकित किए गए तमाम मुद्दे महाराष्ट्र की बेबस और लचर कानून व्यवस्था का पर्दाफाश करते हैं। महाराष्ट्र विधानसभा में नेता विपक्ष के नहीं होने पर बीजेपी के सीनियर विधायक विपक्ष को पूरी तरह से ख़त्म करने की बात करते हैं।
दिल्ली से बनेगी पूर्ण सरकार

देवेन्द्र फडणवीस को मुख्यमंत्री बनाने के बाद बीजेपी कोटे से बनाए जाने वाले 21 मंत्रियों की सूची दिल्ली से जारी होगी। पत्रकार इमैनुएल योगिनी द्वारा क्लिक की गई फ़ोटो को हमने जन प्रबोधन की मंशा से खबर में प्रकाशित किया है। यह तस्वीर सत्ता और सत्ता के घेरे की उस सच्चाई को उजागर करती है जिसे हमारे नेता, नेताओं के अधीन काम करने वाला सिस्टम अमल में लाता है और गरीब जनता भुगतती है। कुछ नेता जनता के बीच बेबाकी से जाहिर होते हैं तो कुछ नेता शक्तियां पाने के लिए कैमरे की नज़र से बचकर बड़ी बड़ी ताकतों के सामने चरण वंदन करते हैं।
