नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

व्यक्तिगत लाभ की योजनाओं ने इतना ऊधम मचा कर रख दिया कि हमारे सामने मुख्यमंत्री लाडली बहन योजना के लिए कतारों में खड़ी महिलाएं हमें देख कर मुंह फेर लिया करती थीं। किसानों को दो हजार रुपए सम्मान निधी बर्तन टीन डिब्बे और न जाने कितना लाभ दिया गया कि गद्दार तक चुनकर आ गए। “रुपया भगवान नहीं पर भगवान से कम नहीं” NCP (SP) की बैठक में पूर्व मंत्री गुलाबराव देवकर ने धन प्रभाव को जमकर कोसा। भविष्य में इसी प्रकार से सत्ता में बैठे लोग धन बल के बूते चुनाव जीतते रहेंगे तो लोकतंत्र का क्या हश्र होगा। जामनेर सीट पर गिरीश महाजन के खिलाफ़ चुनाव लड़ने वाले दिलीप खोड़पे सर ने कहा “मेरे पास पैसे नहीं थे लोगों ने मुझे चंदा दिया” चुनाव में पराजित होने के बाद भी जनता के मन में विजेता मैं ही हूं” EVM में साजिश कर के सफलता को वो ले गए।

तीस साल से NCP का कार्यकर्ता विचारधारा से जुड़कर अपना पसीना बहा रहा है हमें उसकी कद्र करनी चाहिए। कमर कस लो जिला पंचायत, नगर परिषद, पंचायत समिति के चुनाव होने जा रहे हैं इनमें कार्यकर्ताओं के लिए नेताओं को काम करना है। युवा वर्ग बहुत बड़ी तादात में हमारे साथ जुड़ रहा है। जनता की समस्याओं को लेकर सड़क पर उतरो आंदोलन करो। मंच पर NCP SP के सभी जिला नेता मौजूद रहे। ज्ञात हो कि विधानसभा नतीजों के तत्काल बाद MVA ने बैठके कर आगामी लोकल बोर्ड के चुनाव के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। एक बात बिल्कुल साफ़ है कि लोकसभा चुनाव के बाद हाथ से फिसलता जनाधार सहेजने और जुटाने के लिए बीजेपी ने राज्य सरकार की सरकारी तिज़ोरी खाली कर दी है। महाराष्ट्र में संपन्न इस चुनाव में धनादेश के सहारे जनादेश को खरीदने का प्रयोग किया गया है। कहीं EVM तो कहीं मनी फैक्टर इन सब की परते धीरे धीरे खुलनी शुरू हो गई हैं। देश की जनता को कांग्रेस द्वारा प्रस्तावित “EVM हटाओ बैलेट पेपर लाओ” इस राष्ट्र व्यापी यात्रा की घोषणा का बेसब्री से इंतजार है।
